सभी विभागों का बच्चों के विरुद्ध हो रहे शोषण को रोकने में एक महत्वपूर्ण योगदान होना चाहिए
करनाल, आशुतोष गौतम (25 सितंबर) महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्तर्गत कार्यरत जिला बाल संरक्षण ईकाई करनाल द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण ईकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण संस्थाएं, पुलिस विभाग, चाईल्ड हैल्प लाईन, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, डीएलएसए के अधिकारियों को बच्चों के विरुद्ध बढ़ रहे अपराधों को रोकने हेतु बनाये गये कानूनों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। डीसीपीओ रीना रानी ने सभी प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सभी विभागों का बच्चों के विरुद्ध हो रहे शोषण को रोकने में एक महत्वपूर्ण योगदान होना चाहिए जिसके लिए हमें एक टीम के रुप में कार्य करना होगा। मास्टर ट्रेनर अरविंद खुरानिया ने सभी प्रतिभागियों को जे.जे. एक्ट, 2015 के बारे में जानकारी देते हुए जिला बाल संरक्षण ईकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, पुलिस विभाग की कार्यप्रणालियों पर प्रकाश डाला। उनके द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि 0 से 18 वर्ष तक के अनाथ, गुमशुदा, बेसहारा, जरूरतमन्द आदि बच्चों को संरक्षण प्रदान किया जाता है। जे0जे0 एक्ट के अन्र्तगत दो तरह के बच्चों के लिए काम किया जाता है। जिला न्यायवादी अशोक कुमार बागड़ी ने पोक्सो एक्ट, 2012 की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह एक्ट 0-18 वर्ष तक के बच्चों (लड़के व लड़की) दोनों के विरुद्ध किसी भी प्रकार के शारीरिक शोषण से सुरक्षा के लिए बनाया गया है। पोक्सो एक्ट को अच्छी प्रकार से लागू करने के लिए सभी जांच अधिकारियों को हिदायतें दी कि प्रत्येक केस में पूरे कागज़ात फाईल में लगाये व अच्छी प्रकार से तफ्तीश करें। जांच अधिकारी को यह भी हिदायतें दी गई कि पोक्सो एक्ट के अन्तर्गत पीडि़त बच्चे को 24 घंटे के अन्दर बाल कल्याण समिति में पेश करना अनिवार्य है तथा 24 घंटे के अन्दर ही बच्चे का मैडिकल भी करवाया जाये। बचपन बचाओ आंदोलन, हरियाणा के स्टेट प्रोजैक्ट कोर्डिनेटर पुनीत शर्मा ने चाईल्ड लेबर एक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी प्रकार का कोई भी काम नहीं करवाया जा सकता। 14-18 वर्ष तक के बच्चे से केवल 6 घंटे काम कर सकते हैं परन्तु कार्य जोखिम भरा नहीं होना चाहिए और लगातार 3 घंटे का नहीं होना चाहिए साथ काम के बीच में 1 घंटे का ब्रेक होना चाहिए। कार्यक्रम में तीनों एक्ट के तहत अपराध होने की स्थिति में की जाने वाली कार्यवाही के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत करवाया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजबाला द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत चलाई जा रही पोषण अभियान की स्कीम की जानकारी दी गई और कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया गया। कार्यक्रम में जिला बाल कल्याण परिषद के चेयरमैन उमेश चानना, बलदेव ठाकुर, गोपी नाथ, मधु पाठक, नीलम काम्बोज, सीडीपीओ अंजुल, मीना काम्बोज, सीमा राणा, शोभना चौधरी, प्रिया त्यागी, चरण सिंह तथा सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा भी भाग लिया गया।































