छह प्रदेशों के प्रतिभागी दिखाएंगे दमखम
कर्णनगरी में पहली बार आयोजित होगा हरियाणवीं फैशन शो
करनाल, आशुतोष गौतम (22 सितंबर) रैंप पर हरियाणवीं घाघरा, धोती और कुर्ता। इतना ही नहीं पूरी लोक संस्कृति पंडाल में जगमग होगी। युवा पीढ़ी से वर्षों पहले दूर हो चुके चरखा, रई, चाखड़ा, बिलौने, कुल्हाड़ी और ऐतिहासिक विरासत की अनेकों निशानियां एक बार फिर अपनी शान दिखाएंगी। देसी रागनियां व लोकगीत जहां पुराने परिवेश से रुबरु करवाएंगे, वहीं वेस्टर्न ड्रेस के साथ मॉडल आज की संस्कृति का कड़वा सच भी बताएंगे। यह सब देखने को मिलेगा कर्णनगरी करनाल के सेक्टर छह स्थित एसएस फार्म हाऊस के परिसर में 29 सितंबर शाम को राह ग्रुप फाउंडेशन व ईंवेंट कंपनी मैफ की ओर से आयोजित होने वाले ऐतिहासिक भव्य हरियाणवीं फैशन शो में। इस फैशन शो में जहां देश छह प्रदेशों के प्रतिभागी मॉडल्स रैंप पर हरियाणवीं ड्रेंस में कैटवॉक करते नजर आएंगे, वहीं खेल, शिक्षा व फिल्मी क्षेत्र की कई नामी हस्तियों का जमावड़ा भी रहेगा। यह जानकारी देते हुए राह क्लब करनाल जोन प्रभारी अमित गुलाटी व राह क्लब करनाल के अध्यक्ष अमित तंवर ने बताया कि राह गु्रप फाउंडेशन के इस कार्यक्रम में हरियाणवीं फैशन शो, लोकगीत, रागनी गायन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें स्थानीय कलाकारों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। श्री गुलाटी के अनुसार राह गु्रप के इस ऐतिहासिक हरियाणवीं फैशन शो में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, व राजस्थान जैसे प्रदेशों के विभिन्न जिलोंं के प्रतिभागी रैंप पर कैैटवॉक करते नजर आएंगे। राह गु्रप फाउंडेशन के इस कार्यक्रम में हरियाणवीं फैशन शो, लोकगीत गायन, रागनी गायन सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। श्री तंवर के अनुसार हरियाणवीं फैशन शो मेंं रागनी या एकल गायन में महिला व पुरुष दोनों वर्ग में होंगे। जबकि समूहगान केवल महिलाओं के लिए होगा। जिसमें जकड़ी व दूसरे हरियाणवीं लोकगीतों पर प्रतिभागी अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके लिए आयुवर्ग की कोई सीमा नहीं रखी गई है।
गुलगुलों व मालपुड़ों से होगी आवभगत: कर्णनगरी करनाल के सेक्टर छह स्थित एसएस फार्म हाऊस के परिसर में 29 सितंबर को आयोजित होने वाले इस भव्य हरियाणवीं फैशन शो में पहुंचने वाले प्रतिभागियों, दर्शकों व मेहमानों का स्वागत भी विशेष अंदाज में ही किया जाएगा। कार्यक्रम में ठेठ देसी अंदाज में तिलक लगा कर गुड़ खिला कर मुंह मिठा करवाया जाएगा, वहीं कार्यक्रम के दौरान स्वाहली व गुलगलों के स्वाद से संस्कृति का रंग ओर गहरा व मिठा दिखाई देगा। इस दौरान देसी घी से बने मालपुड़ों का जायका भी चखने को मिलेगा। इसी प्रकार हरियाणा की चर्चित मूर्रा नस्ल की भैंस के दूध से तैयार विशेष लस्सी मेहमानों को पिलाई जाएगी।































