करनाल, आशुतोष गौतम ( 21 सितंबर) प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वद्यिालय के सेक्टर सात स्थित सेवा केंद्र में स्वस्थ तन, स्वस्थ मन और सुखी जीवन विषय पर सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय सेमिनार के दूसरे दिन वक्ताओं ने अपने बहुमूल्य विचार श्रोताओं के समक्ष रखे। सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी प्रेम दीदी के नेतृत्व में यह सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर डा. जमीला ने कहा कि आज सारी दुनिया कन्फ्यूजन में हैं कि क्या खाएं और क्या ना खाए कलयुग में एक कि मत ना मिले दूसरे से। हरेक अपनी अपनी ढपली ब्जा रहा है। किसका माने। ऐसे में परमात्मा बताते है बच्चे भोजन किस भाव से उगाया गया । किस भाव से पकाया गया। किस भाव से परोसा गया। किस भाव से खाया गया सबका हमारे शरीर पर गहरा असर पड़ता है। इसलिए क्योंकि यहां कलियुग में ज़हरीला अन्न, बासी भोजन, तामसिक भोजन जैसे मांस, अंडे,लहसुन प्याज,शराब बीड़ी सिगरेट पीने से हमारी सेहत काफ़ी हद तक गंभीर रोगों का शिकार हो जाती इसलिए हमे जैविक और यौगिक रीति से उगाए सुपाच्य फल सब्जियां और मेबे खाने चाहिए साथ ही हमारे शरीर की प्रकृति वात पित्त और कफ के अनुसार सातो गुणों से भरपूर भगवान को अर्पित कर भगवान की अनंत शक्तियों से भरपूर भोजन ही हमे स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने भोग लगाने की सात्विक विधि बताते हुए बताया कि किस प्रकार प्रसाद बना भोजन दु:ख भंजक और कष्ट हारने वाला एक दवा बन जाता है जिसके सेवन से ब्रह्माकुमारीज़ में लाखों लोगों ने शराब सिगरेट ,चरस हशीश गांजा छोड़ कर अपनी जिदंगी शांत चित्त बनाई है। आपने बताया कि केड प्रोजेक्ट के तहत दुनिया की पहले पांच नंबर पर आई उस रिसर्च में हज़ारों भाई बहिनों को हार्ट की ब्लॉकेज बिना ऑपरेशन ख़तम हुई है। उन्होंने कहा कि प्याज और लहसुन खाने से ब्रेन की झिल्ली नष्ट हो जाती है जिसके कारण हमारा मन चंचल और कन्फ्यूज़ हो जाता है फलस्वरूप आप ध्यान साधना में मन एकाग्र नहीं कर पाते उग्र भोजन करने से गुस्सा, बैचैनी और डिप्रेशन समाज में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि शांत चित्त मन से परमात्म याद में बनाया भोजन औषधि से कम नहीं जिस से शराबी शराब छोड़ देता है। शुद्ध आहार से भरपूर स्वास्थ्य और प्रसन्न जीवन की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर डा. डीडी शर्मा, हरीश नागपाल, रमेश सचदेवा, रिषीराज शर्मा, महीपाल मलिक, सुनील वालिया, डा. केके चावला, एनडी गोयल, ईश्वर रमन, महेश गुप्ता, राजिंद्र विज, आरएन अरोड़ा, रितेश विज, मीनाक्षी वर्मा, नीलम चौधरी, हरि किशन नारंग, एसके गोयल, रामनिवास गुप्ता, आईजे भारती, बीके शिखा, सुमन, संजना, काजल, आरती व निशा आदि मौजूद रहे।































