देवीलाल के 107वें जन्मदिवस पर त्रिवेणी लगाकर दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
करनाल, आशुतोष गौतम। समाधानांचल सेवा समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट संतोष यादव द्वारा चलाए जा रहे त्रिवेणी लगाने के पुण्य कार्य को आगे बढ़ाते हुए आज इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला के आह्वान पर चौ. देवीलाल के 107वें जन्मदिवस पर 570वीं त्रिवेणी लगाई एवं पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर जजपा के नवनियुक्त जिला प्रधान इन्द्रजीत सिंह गौराया ने कहा कि त्रिवेणी में सभी देवी-देवताओं एवं पितरों का वास माना जाता है। त्रिवेणी हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देती है और ये त्रिवेणीं आने वाली भावी पीढ़ी के लिए भी वरदान साबित होंगी। त्रिवेणी (बड़, नीम और पीपल) का शास्त्रों में भी विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि हर इंसान को अपने जीवन में कम से कम एक त्रिवेणी अवश्य लगानी चाहिए। जैसे-जैसे त्रिवेणी बढ़ती है वैसे ही आपकी सुख-स्मृद्धि भी बढ़ेगी और आपके सभी कष्ट स्वत: मिट जाएंगे। उन्होंने कहा कि हर इंसान के थोड़े-थोड़े योगदान से एक बड़ी चीज का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि दूसरों की भलाई के लिए जो सांसे हमने जी हैं वही असल में जिंदगी है। उन्होंने कहा कि जहां त्रिवेणी लगी होती हैं वहां हर पल सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होता हैं। त्रिवेणी प्राणियो में प्राणो का संचार करती हैं और जब तक पृथ्वी पर प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता है तब त्रिवेणी सहियोग प्रदान करती है। इस मौके पर जजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नफे सिंह मान ने कहा कि ये त्रिवेणी एक साधारण वृक्ष न होकर इसका अध्यात्मिक महत्व है। त्रिवेणी को शास्त्रों में स्थाई यज्ञ की संज्ञा दी गई है। जहां त्रिवेणी लगी होती है वहां हर पल हर क्षण सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह चलता रहता है। हर वह सांस जो श्रद्धाभाव से अध्यात्मिक भाव से इस त्रिवेणी को लगाता है या लगवाता है या फिर इसका पालन पोषण करता है उसका कोई भी सात्विक कर्म विफल नहीं जाता। दूसरी ओर ये तो पर्यावरण की लड़ाई है और न्याय की लड़ाई है इसे हम मानते हैं कि वन, जलवायु और पर्यावरण सभी के सांझे सरोकार है और मेरे विचारों से इन सांझे सरोकारों का निबाह करने के लिए ही हमने त्रिवेणी लगाने की मुहिम छेड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आज हमारे देश का पर्यावरण लगातार प्रदूषित होता जा रहा है, ऐसें में त्रिवेणी लगाना बहुत ही आवश्यक हो गया है। इस अवसर पर जननायक सेवा दल के समस्त सदस्य रामदयाल बलड़ी, संजीव तोमर, समीर पाटा, राकेश संधु, रवि दहिया, लवलीन आलोक, राजपाल, रमेश सीधपुर, कालीरमन आदि उपस्थित रहे।
































