कांग्रेस विधायक रायजादा के साल 2020 में प्रस्तावित कार्य हास्यास्पद – हरपाल सिंह गिल
पांच सालों तक प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रहने के बावजूद संतोषगढ़ वाया नंगड़ा रोड की हालत क्यों नहीं सुधरवा पाए
जसवाल, ऊना ( 2 जनवरी ) ऊना भाजपा के मंडलाध्यक्ष हरपाल सिंह गिल ने विधायक रायजादा के साल 2020 में प्रस्तावित कार्याें को हास्यास्पद करार दिया है। उन्होंने कहा कि ऊना में रिंग रोड बनाने को प्राथमिकता बताने वाले विधायक बताएं कि पांच सालों तक प्रदेश में कांग्रेस की सरकार रहने के बावजूद ऊना से संतोषगढ़ वाया नंगड़ा रोड की हालत क्यों नहीं सुधरवा पाए। विधायक बताएं कि उन्हाेंने अपनी सरकार के हाेते कोई प्रयास नहीं किया या पांच सालों तक उनकी अपनी सरकार में उनकी आवाज तक नहीं सुनी गई। क्षेत्रीय अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए प्रदेश सरकार पर दबाव डालने की बात कहने वाले बताएं कि कांग्रेस सरकार के समय जब ऊना के लोगाें को चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं काे लेकर शिमला में धरने देनेे पड़े थे, उस समय रायजादा के दबाव की हवा क्यों निकल गई थी। उन्हाेंने रायजादा को सलाह दी कि बिना सोचे समझे बयानबाजी करने पहले वह पूर्व कांग्रेस सरकार आैर वर्तमान भाजपा सरकार के समय अस्पताल में चिकित्सकाें और पैरामेडिकल स्टाफ की स्थिति का तुलनात्मक ज्ञान कर लें। गांवों के विकास की बड़ी-बड़ी डींगें हांकने वाले विधायक जरा घर से निकल कर गांवों तक जाकर तो आएं, उन्हें खुद ही पता चल जाएगा कि जाे काम विधायक को करवाने चाहिए थे वे सब काम भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की कड़ी मेहनत के चलते प्रगति पर हैं। हरपाल सिंह गिल ने कहा कि खननकारियों को बेनकाब करने के दावे करने वाले विधायक जनता काे बताएं कि जब नंगड़ा में पुलिस ने खननकारियों के खिलाफ कार्यवाही की थी तो विधायक ने पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में घुस कर गुंडगर्दी क्यों की। उन खननकारियाें से विधायक का ऐसा क्या संबंध था। भाजपा मंडलाध्यक्ष ने कहा कि नशे को लेकर बयानाबजी कर विधायक खुद को हंसी का पात्र न बनाएं, पेखूबेला के शराब कांड ने उनकी कलई सबके सामने खोल कर रखी दी थी, वहीं विधायक आज तक जनता को यह नहीं बता सके हैं कि संताेषगढ़ में जिस व्यक्ति के घर से भुक्की की बड़ी खेप पकड़ी गई थी, वह किसका आदमी था। अरनियाला में जिस नशा माफिया ने पुलिस टीम पर हमला किया था वह किसके लोग थे। उन्हाेंने कहा कि ऊना के कांग्रेसी विधायक प्रदेश के सबसे बड़े बयानवीर हैं। लाेगों में अपनी छवि काे साफ करने के लिए माफिया-माफिया चिल्लाते हैं, लेकिन उसी माफिया काे बचाने के लिए पुलिस अधिकारियाें के साथ गुंडागर्दी करते हैं।
































