पचास वर्ष के उपलक्ष पर स्वर्ण जयंती समारोह का भी किया गयाा आयोजन
बंगाणा (राजीव घीमान) (24 सितंबर) मंगलवार अटल बिहारी वाजपेई राजकीय महाविद्यालय बगाणा में एनएसएस इकाई द्वारा एनएसएस स्थापना दिवस व पचास वर्ष के उपलक्ष पर स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आरती देवी थे। मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आरती देवी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह की शरुआत की।एनएसएस कैंपस लीडर कुमारी शालू ने एनएसएस के कार्य एव उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। शालू ने कहा कि स्वाधीनता प्राप्ति के पश्चात् युवा शक्ति को संगठित करके उसे रचनात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ने हेतु राष्ट्रीय नेताओं और नीति-निर्माताओं को एक ऐसी संस्था की आवश्यकता अनुभव हुई जो युवा वर्ग को उसके सर्वांगीण विकास हेतु समुचित मंच प्रदान कर सके ।इस दिशा में कदम उठाते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू के सुझाव पर युवाओं को राष्ट्रीय सेवा की ओर उन्मुख करने हेतु एक आयोग का गठन किया गया । इसके अतिरिक्त 1960 के दशक में राष्ट्रीय सेवा योजना का आरम्भ किया गया, जिसे चौथी पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत वित्त पोषित किया गया ।इस योजना को चयनित विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में प्रयोग के आधार पर आरम्भ किया गया, जिसे युवाओं का भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ । जिस राष्ट्रीय सेवा योजना का आरम्भ मात्र 40 हजार विद्यार्थियों से हुआ था उसमें वर्तमान समय में लगभग 25 लाख विद्यार्थी सम्मिलित हैं, जो कि इस योजना की सफलता की ओर स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं । इसके माध्यम से युवा समस्या का समाधान खोजने की दिशा में अपने ज्ञान और अनुभव का प्रयोग करने का अभ्यस्त होता है, जिससे युवा शक्ति के सुदृढ़ होने के साथ ही राष्ट्र की एकता एवं अखण्डता को प्रोत्साहन प्राप्त होता है देश के युवाओं को सृजनात्मक और रचनात्मक सामाजिक कार्यों की ओर प्रवृत्त करना ।देश में लोकतांत्रिक नेतृत्व को क्रियान्वित करने में दक्षता प्राप्त करना । समाज के कमजोर वर्ग की सेवा हेतु स्वयं में इच्छाएं जागृत करना ।देश के युवा वर्ग में एकता एवं अखण्डता की भावना दृढ़ करना साक्षरों एवं निरक्षरों के मध्य की खाई को पाटना अर्थात् शिक्षा का प्रसार करना ।अवसर पर एकल गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें सवर्ण लता, द्वितीय स्थान कनिका व तृतीय स्थान इंदू बाला प्राप्त किया।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आरती देवी ने इस अवसर पर अपने विचार रखे कहा कि कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इस योजना के माध्यम से सरकार की अन्य योजनाओं एवं नीतियों के क्रियान्वयन में तीव्रता आई है । सरकारी योजनाओं का कागजी दस्तावेजों से बाहर निकलकर यथार्थ के धरातल से सम्पर्क स्थापित हुआ है ।इस योजना से जुड़े युवाओं द्वारा काफी कम खर्च में कई अत्यंत सार्थक पहलें हुई हैं, जैसे-शिक्षा एवं मनोरंजन; आपातकाल में किए जाने वाले राहत कार्य; पर्यावरण संरक्षण एवं परिवर्द्धन; स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा आहार पोषण सम्बन्धी कार्यक्रम, उत्पादनोन्मुखी गतिविधि; समाज सेवा सम्बन्धी कार्यक्रम; प्रदूषण नियंत्रण, आदि गतिविधियों से युवा प्रत्यक्षत: जुड़कर राष्ट्र के विकास एवं प्रगति हेतु नवीन आयाम जोड़ने में सर्वथा सफल सिद्ध हुआ है । इस अवसर पर प्रोफेसर सिकंदर नेगी, प्रोफेसर मोनिका ठाकुर, प्रोफेसर अंजान व पूनम अन्य गणमान्य मौजूद थे।






























