पिछले सात महीनों से स्टेडियम को रिपेयर और मेंटेनेंस के नाम पर बंद रखना खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा डॉ रणधीर जसवाल, ऊना: भारतीय जनता पार्टी के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने इनडोर स्टेडियम के लंबे समय से बंद होने पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि इस स्टेडियम का निर्माण पूर्व मुख्यमंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में हुआ था, जब स्वर्गीय प्रवीण शर्मा खेल मंत्री थे। उन्होंने कहा कि उस समय से लेकर अब तक स्टेडियम के रखरखाव और मरम्मत कार्य समय-समय पर किए जाते रहे हैं, ताकि खिलाड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो। विधायक सतपाल सत्ती ने कहा कि उन्हें खिलाड़ियों से जानकारी मिली है कि पिछले सात महीनों से स्टेडियम को रिपेयर और मेंटेनेंस के नाम पर बंद रखा गया है। जब उन्होंने अधिकारियों से इस बारे में बातचीत की, तो यह सामने आया कि मुख्यमंत्री या खेल मंत्री से लोकार्पण करवाने के कारण स्टेडियम को अभी तक नहीं खोला गया है। उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी भी भवन या परियोजना का लोकार्पण केवल एक बार होता है और मरम्मत कार्यों के लिए इस तरह की परंपरा बनाना पूरी तरह गलत है। विधायक ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर खेल मंत्री से भी बात की थी, जिन्होंने जल्द जानकारी देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही स्टेडियम को खिलाड़ियों के लिए नहीं खोला गया, तो वह स्वयं खिलाड़ियों के साथ जाकर स्टेडियम पर लगे ताले तोड़कर खेल गतिविधियां शुरू करवा देंगे। विधायक सतपाल सत्ती ने जिला युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में खेल प्रशिक्षकों की कमी और उनके तबादलों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में आकर प्रशिक्षकों के तबादले किए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर स्वयंभू पदाधिकारी खेल प्रशिक्षकों पर दबाव बनाते हैं और जब प्रशिक्षक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें हटवा दिया जाता है। सत्ती ने प्रदेश सरकार से मांग की कि खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द खेल व्यवस्था में पारदर्शिता को सुनिश्चित की जाए।
































