कहा धर्मनिरपेक्ष देश में भाजपा अपनी सांप्रदायिक विचारधारा को थोपने का प्रयास कर रही
मण्डी (27 सितंबर)
जिला कांग्रेस कमेटी मण्डी के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने प्रेस को जारी एक विज्ञप्ति में कहा की भाजपा सरकार चाहे केंद्र में हो या राज्य में हमेशा सरकारी कार्यक्रमों , नीतियों और योजनाओं के जरिये सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहती है और उनका ऐसा प्रचार प्रसार करती है की जैसे उन योजनाओं में देश के करदाताओं का योगदान ना होकर उनका व्यक्तिगत योगदान हो जो उनकी राजनीति में संकीर्ण सोच का परिचय देती है । इसी कड़ी में अब प्रदेश में शिक्षा के मंदिर में भी उन्हें अपने राजनीतिक प्रचार प्रसार करने में परहेज नहीं है शिक्षा के मंदिर का भगवाकरण कर रही है और इस धर्मनिरपेक्ष देश में अपनी सांप्रदायिक विचारधारा को थोपना चाहती है और कट्टरपंथी विचारधारा के फैलाव को विकास की परिभाषा देती है। दीपक शर्मा ने कहा की भाजपा सरकार को जर्रे जर्रे में सिर्फ वोट बैंक ही नजर आता है और इसके लिए ही शिक्षा व शिक्षण संस्थाओं का राजनीतिकरण करना चाहती है । अब भाजपा सरकार स्कूल के बच्चों को मिलने वाले स्कूल बैग पर अपनी तस्वीर लगा रहे है । जबकि अगर सरकार राजनीतिक नेताओं के बजाए देश के लिए शहीद हुए जवानों की व परमवीर चक्र धारकों व अन्य सम्मान प्राप्त जवानों की तस्वीरें लगाते तो ना केवल इससे एक अच्छा संदेश जाना था बल्कि उनकी जीवनी से प्रेरित होकर छात्रों में देशभक्ति की भावना का संचार होना था और उनकी तस्वीर एक प्रेरणादायक होती परंतु सरकार को शहीदों से क्या लेना देना वो तो महज वोट बैंक के लिए उनका नाम लेते हैं । दीपक शर्मा ने कहा की भाजपा नेता की प्राथमिकता अपने प्रचार प्रसार की है उन्हें कोई मतलब नहीं है की डिपुयो में राशनधारकों को दालें या अन्य समान मिले ना मिले उसकी चिंता नहीं है पर राशन की थैलियों पर उनकी तस्वीर होना वो ज्यादा जरूरी समझते हैं । अगर उनका वश चले तो वो हर चावल व दाल के दाने पर अपना नाम व तस्वीर लगा दें । दीपक शर्मा ने कहा की सड़कों के किनारे पड़े हुए उन्हें कूड़े के ढेर की चिंता नहीं बल्कि कूड़ों के डब्बों पर उनका नाम उनको सुनिश्चित करना है । दीपक शर्मा ने कहा की परिवहन विभाग की वितीय स्थिति चाहे कैसी भी हो पर बसों पर उनकी तस्वीर होना आवश्यक है । दीपक शर्मा ने कहा की हिमाचल दिन प्रतिदिन कर्ज के बोझ के नीचे दवा जा रहा है और जब आचार संहिता लागू होती है तो करोड़ो रुपए इनको हटाने में खर्च होते है दीपक शर्मा ने कहा की अपनी तस्वीर लगाकर वो क्या साबित करना चाहते हैं वो समझ से परे है । दीपक शर्मा ने कहा की अगर सरकार को अपनी तस्वीर लगवाने का इतना ही शौक है तो वो शौचालय में लगे कंबोड में भी अपनी तस्वीर लगाने से भी पीछे नहीं हटना चाहिए ।
































