चुनावी फायदा लेने के लिए कांग्रेस द्वारा दिल्ली विधानसभा चुनावों में घृणास्पद भाषण की बात कहकर जबरदस्ती विवाद खड़ा किया गया डॉ रणधीर जसवाल,ऊना : सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर 2020 में कथित रूप से दिए गए घृणास्पद भाषणों के खिलाफ दायर याचिका पर उच्चतम न्यायालय द्वारा एफआईआर दर्ज करने के लिए कोई संज्ञेय अपराध ना बनने के निर्णय व सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को क्लीन चिट मिलने का भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती, पूर्व विधायक बलबीर चौधरी, राजेश ठाकुर, चैतन्य शर्मा वा दविंदर भुट्टो ने स्वागत करते हुए इसे सच की जीत बताते हुए विपक्षी एजेंडा ध्वस्त होने की बात कही है। जारी संयुक्त प्रेस बयान में भाजपा नेताओं ने कहा भारतीय जनता पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता सामाजिक सद्भाव, समरसता व राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित है। विपक्ष को हमारा ये सिद्धांत सदा ही नागवार गुजरा है इसलिए वो भाजपा नेताओं पर बेबुनियाद आरोप लगाते हैं। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर जी पर इन्होंने वर्ष 2020 दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान घृणास्पद भाषण की बात कहकर विवाद खड़ा किया और न्यायालय का रूख किया। मगर कल माननीय सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष का एजेंडा ध्वस्त करते हुए अनुराग जी द्वारा 2020 में कथित रूप से दिए गए घृणास्पद भाषणों के खिलाफ दायर याचिका पर इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनने का फैसला सुनाया है। मामनीय सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला सत्यमेव जयते को भावना को और प्रगाढ़ करता है और यह साबित करता है कि सत्य कभी पराजित नहीं होता। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से आम जनता का भारत की न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास और मजबूत हुआ है।कोर्ट ने साफ़ कहा कि बीजेपी नेताओं के बयान न तो सांप्रदायिक हिंसा भड़काते हैं और न ही सार्वजनिक अव्यवस्था पैदा करते हैं और रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री को देखने के बाद, भाजपा नेताओं के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है। सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय स्वागत योग्य है जो कि विपक्ष के दुष्प्रचार मशीनरी को बेनकाब करता है। हम सच को उजागर करने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट का आभार प्रकट करते हैं व सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर जी को शुभकामनाएँ देते हैं।
































