1600 रुपए सालाना से लेकर 15 लाख रुपए सालाना तक का खर्चा आ सकता है- सुमेश कुमार शर्मा
BHT news,ऊना: एसएसआरवीएम स्कूल में सीनियर छात्रों के लिए एक प्रभावशाली करियर काउंसलिंग एवं गाइडेंस वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला रजनीश शर्मा और मदन लाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित हुई, जिसमें मेडिकल क्षेत्र विशेषकर नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी और अन्य उभरते करियर विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई। सत्र में बताया गया कि देश में कुल कितने मेडिकल कॉलेज हैं, इनमें कुल कितनी सीटें होती हैं, कितनी सीटें जनरल व अन्य वर्गों के लिए आरक्षित होती हैं, हिमाचल प्रदेश में कितने सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेज हैं और उनकी सीटें कितनी हैं। साथ ही नीट परीक्षा का सिलेबस, कुल प्रश्नों की संख्या, पेपर के अंक, नेगेटिव मार्किंग, स्टेट कोटा, मैनेजमेंट सीट्स आदि विषयों को सरल तरीके से सभी बच्चों समझाया गया। सुमेश कुमार शर्मा ने छात्रों को यह भी बताया गया कि डॉक्टर बनने के लिए मात्र ₹1600 सालाना से लेकर ₹15 लाख सालाना तक खर्च हो सकता है। ये आप के अध्ययन पर निर्भर करता है। नीट परीक्षा में कुल 720 अंकों के लिए तैयारी करनी होती है, जिसमें सफलता के लिए समर्पण और रणनीतिक अध्ययन आवश्यक है।इस के इलावा आयुर्वेदिक डॉक्टर,डेंटल डॉक्टर ,वेटनरी डॉक्टर भी बना जा सकता है,,मेडिकल में अन्य करियर विकल्प जैसे पैरामेडिकल, फिजियोथैरिपी, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मेसी आदि की भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में यह भी बताया गया कि आज के समय में करियर सिर्फ पारंपरिक विकल्पों तक सीमित नहीं हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग, अक्षय ऊर्जा, रचनात्मक डिजाइन जैसे क्षेत्र भी छात्रों को आकर्षित कर रहे हैं। स्कूल के एमडी सुमेश कुमार शर्मा ने छात्रों को अपनी क्षमताएं पहचान कर उन्हें लक्ष्य से जोड़ने और लगातार प्रयास करते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने व्यावहारिक सुझावों के साथ नीट की तैयारी कर रहे छात्रों का मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर स्कूल की प्रबंधक श्रीमती बृज बाला शर्मा, सुरेंद्र रात्रा, श्रीमती रितु शर्मा, नवदीप, रमन, श्रीमती सीमा, एन. पी. सिंह, प्रिंसिपल एम. शर्मा तथा समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। छात्रों ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताते हुए आभार प्रकट किया।




























