हिमाचल प्रदेश में युवाओं को भी दिल की बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही – डॉ एचके बाली
रणधीर जसवाल, ऊना: हिमाचल प्रदेश में युवाओं को भी दिल की बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, जिसका एक बड़ा कारण धूम्रपान और खान-पान में लापरवाही बरतना है। देवभूमि में लोग हृदय संबंधी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं, जिससे बीमारी के प्रति समय पर जागरूकता और सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यह बात शनिवार को ऊना में पार्थ होटल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए लिवासा अस्पताल, मोहाली के कार्डियक साइंसेज के अध्यक्ष और डीन एकेडमिक्स एंड रिसर्च डॉ.एचके बाली ने कही। उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 30 मिलियन लोग कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित हैं। भारत में जल्द ही दुनिया में हृदय रोग के सबसे ज्यादा मामले होंगे और विश्व का केपिटल होगा। इसके अलावा भारत में 27 प्रतिशत मौतें हृदय संबंधी बीमारियों के कारण होती हैं जो कि बहुत बड़ा आंकड़ा है। डॉ.एचके बाली ने कहा 35 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में दिल के दौरे के मामले में भारत दुनिया में शीर्ष पर है और अगले दशक तक हृदय रोग भारत में मृत्यु और विकलांगता का सबसे बड़ा कारण होगा। हृदय रोग से पीड़ित लोगों की औसत आयु कम हो रही है और इन दिनों हमारे पास 25 वर्ष से कम उम्र के मरीज दिल के दौरे के साथ हमारे पास आ रहे हैं। युवा वर्ग अपनी खराब जीवनशैली के कारण कोरोनरी धमनी रोग से पीड़ित हैं, और अगर यह जारी रहा तो भविष्य और भी खतरनाक दिखता है। शहरी आबादी का लगभग 30 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में रहने वाली 15 प्रतिशत आबादी उच्च रक्तचाप और दिल के दौरे से पीड़ित है। टाइप 2 मधुमेह वाले मरीजों में सामान्य आबादी की तुलना में हृदय की समस्या का खतरा 2 -3 गुना अधिक होता है। डॉ. एचके बाली ने कहा कि लिवासा अस्पताल, मोहाली अब ईसीएचएस, सीजीएचएस, हिमाचल सरकार और सभी प्रमुख कॉरपोरेट्स के साथ सूचीबद्ध है। यहां पर हृदय रोगों का उपचार संभव है। उन्होंने आह्वान किया कि धूम्रपान न करें, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल जोखिमों को जानें, स्वस्थ वजन बनाए रखें, नियमित व्यायाम करें, लिपिड की जांच कराएं और ट्रांस फैट से बचें। उन्होंने कहा कि हम हृदय संबंधी बीमारियों को रोकने के लिए वर्कशॉप का आयोजन करेंगे जिसमें प्रारंभिक उपचार की तकनीक आम लोगों को सिखाई जाएगी ताकि रोगी को मरने से बचाया जा सके।




























