तकनीकी के समय मे हम अपनी प्राचीन संस्कृति औऱ हिंदी भाषा को भूल रहे – प्रोमिला गुलेरिया

जसवाल, ऊना (21 नवंबर) अंशुल धीमान प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र ने प्रशिक्षुयो को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय मे जिस युवा के पास ज्यादा जानकारी वही आज के समय मे शाक्तिशाली है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओ के भविष्य को संवारने के लिए अनेक लाभकारी योजनाओं को शुरू किया है। जिससे आज के इस प्रतियोगी युग मे अपना व्यपार कर सकते है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, स्टेट मिशन ऑन फ़ूड प्रोसेसिंग योजना,रूरल मैनजमेंट कार्यक्रम जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
जिला भाषा अधिकारी ऊना प्रोमिला गुलेरिया ने प्रशिक्षुयो को बताया कि आज के तकनीकी के समय मे हम अपनी प्राचीन संस्कृति औऱ हिंदी भाषा को भूल रहे है।उन्होंने युवाओं को बताया कि अगर हम अपनी प्रचीन संस्कृति के बारे में पड़े तो हमे पता चलेगा कि हमारी संस्कृति बहुत प्राचीन एवं अमूल्य है। आज के समय मे हमारी संस्कृति हमारे लिए एक आजीविका का साधन बन सकता है क्योंकि आज के समय मे पर्यटन को बढ़ाने के लिए हमारी संस्कृति का बहुत योगदान है।भाषा अधिकारी ने बताया कि हिंदी भारत की राष्ट्र भाषा ही नही बल्कि भारत की एक अमूल्य पहचान है । उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि हम सबको आगे बढ़कर अपनी संस्कृति और भाषा को संजोए रखना है ।
डॉ लाल सिंह जिला युवा समन्वयक एवं शिविर के मुख्यवसंचालक ने प्रशिक्षुयो को युवा प्रोफ़ाइल विषय मे सत्र लेते हुए समझाया कि विश्व में अलग अलग उम्र को केंद्रित कर युवा शब्द को परिभाषित किया गया है। लेकिन भारत मे 15 – 29 बर्ष के व्यक्तियों को युवा कहा जाता है
उन्होंने कहाँ की भारत सरकार 90,000 करोड़ युवाओ को प्रोत्साहन करने के लिए व्यय करते है। डॉ मनोज गुप्ता विशेषयज्ञ इंचार्ज कृषि विज्ञान केंद्र ऊना प्रशिक्षुयो को जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान समय में जिस किसान के पास कृषि की सम्पूर्ण जानकारी नही है। सिर्फ वह लोग ही कृषि के क्षेत्र में असफल होते है। इस क्षेत्र की पूरी जानकारी रखना जरूरी है।इन्होंने ने बताया कि आज के समय मे किसान लोग वर्तमान तकनीक का उपयोग कर के अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते है। आज के समय मे किसान लोग व्यापारिक फसल जैसे मशरूम,मधुमखी पालन , शिमला मिर्च इत्यादि उत्पादन कर सकते है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवी कृषि को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है। डॉ मनोज गुप्ता ने बताया कि कृषि एक मात्र इस विषय है जिसमे युवा साथी द सरकारी और निजी दोनो क्षेत्रों में अपना भविष्य बना सकते है। डॉ० रमेश सिंह चन्देल कॉर्से कोऑर्डिनेटर नें शाम के सत्र में मानव नैतिक मूल्यों के विषय में विचार साँझा किए व अपने नैतिक मूल्यों,संस्कृति व भाषा का संवर्धन करने के लिए जागरूक किया । इस अवसर पर विजय भारद्वाज लेखाकार नेहरू युवा केन्द्र ऊना,बीजू कॉर्से कोऑर्डिनेटर ,सहायक प्रशिक्षक योगेश,पूर्ण व राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवी मौजूद रहे

































