भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ने विभाजन त्रासदी स्मरण दिवस को मनाया।
रणधीर जसवाल,उना, 14 अगस्त 2024: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, ऊना (आईआईआईटीयू) ने विभाजन त्रासदी स्मरण दिवस को एक महत्वपूर्ण और सम्मानजनक कार्यक्रम के साथ मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे 94 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी सत्य भूषण शास्त्री के स्वागत से हुई। उन्हें हिमाचली टोपी और शॉल से सम्मानित किया गया, जो उनके जीवनभर के स्वतंत्रता संग्राम के योगदान की सराहना थी। श्री सत्य भूषण शास्त्री ने केवल 7 साल की उम्र में स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होना शुरू किया। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कई साहसिक काम किए, जैसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान युद्ध कोष जुटाना और सरदार भगत सिंह तथा गोकुल चंद जैसे क्रांतिकारियों की मदद करना। उन्होंने कई मुश्किलें झेली और धीरे-धीरे ज़हर दिए जाने का सामना किया, लेकिन उनकी निष्ठा और बहादुरी बनी रही। शास्त्री जी ने अपने संघर्ष और अनुभवों को साझा किया और स्वतंत्रता की महत्वता को समझने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के लिए कितनी मेहनत और बलिदान हुए और इसका महत्व क्या है।
आईआईआईटी उना के निदेशक प्रोफेसर मनीष गौर ने शास्त्री जी के बलिदानों और योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी की बहादुरी और समर्पण ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में तीन प्रभावशाली भाषण, एक भावुक कविता, और विभाजन की त्रासदियों को दर्शाने वाला एक छोटा नाटक शामिल था। इन सभी को दर्शकों ने बहुत सराहा। समारोह का अंत राष्ट्रीय गान के साथ हुआ, जो देश की एकता और ताकत की याद दिलाता है।

































