मनरेगा योजना में अब देशवासियों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का मिलेगा रोजगार – सतपाल सत्ती डॉ रणधीर जसवाल,ऊना : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज ऊना प्रवास के दौरान प्रदेश की सुक्खू सरकार के विरुद्ध तीखा हमला बोला। अलग-अलग कार्यक्रमों में शिरकत करते हुए ठाकुर ने सरकार को कानून-व्यवस्था, आर्थिक कुप्रबंधन और लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन जैसे मुद्दों पर जमकर घेरा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में आज “सुख की सरकार” के नारे के विपरीत कोई भी सुखी नहीं है और चारों ओर व्याप्त अराजकता “व्यवस्था पतन” की गवाही दे रही है। ऊना पार्टी आफिस में आयोजित प्रेस वार्ता की शुरुआत में जयराम ठाकुर ने मानवीय संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हाल ही में हुए दर्दनाक हादसों पर गहरा शोक प्रकट किया। उन्होंने ऊना के दौलतपुर में एक ही सड़क दुर्घटना में परिवार के चार सदस्यों की मृत्यु को अत्यंत हृदयविदारक बताया। ठाकुर ने कहा कि पूरी भाजपा इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है। इसके साथ ही, उन्होंने सिरमौर के हरिपुर धार में हुए बस हादसे पर चिंता जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन दोनों हादसों के प्रभावितों को तत्काल पर्याप्त आर्थिक सहायता और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। ठाकुर ने सुक्खू सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार देते हुए कहा कि देवभूमि हिमाचल की शांति आज भंग हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में गोलीबारी और जघन्य अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि शासन-प्रशासन पर मुख्यमंत्री का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश आज अपने इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, “सरकार प्रदेश को विकास की राह पर ले जाने के बजाय केवल भारी-भरकम कर्ज ले रही है। यह कर्ज विकास कार्यों के लिए नहीं, बल्कि सरकार की अपनी सुख-सुविधाओं और फिजूलखर्ची पर व्यय हो रहा है, जो राज्य के भविष्य को अंधकार में धकेल रहा है। युवाओं के मुद्दे पर ठाकुर ने सरकार को चुनावी वादों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले 5 लाख नौकरियों का सब्जबाग दिखाने वाली कांग्रेस आज युवाओं को भूल चुकी है। भर्ती प्रक्रियाएं पूरी तरह ठप हैं और प्रदेश का शिक्षित युवा अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को विवश है। वहीं, कर्मचारियों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार कर्मचारियों को अपने जायज डीए और एरियर के लिए अदालतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
नशे का जाल और प्रतिशोध की राजनीति – जयराम ठाकुर ने सीमावर्ती जिलों में बढ़ते ‘चिट्टे’ (सिंथेटिक ड्रग्स) के व्यापार पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की ढुलमुल नीतियों के कारण नई पीढ़ी नशे की गर्त में जा रही है और पुलिस तंत्र मूकदर्शक बना हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा सरकार के समय जनहित में खोले गए संस्थानों को बंद करने के निर्णय को “प्रतिशोध की राजनीति” का निकृष्ट उदाहरण बताया। आपदा की आड़ में लोकतंत्र से खिलवाड़: पंचायत चुनावों पर घेरा – प्रेस वार्ता के बाद, जयराम ठाकुर ने ऊना स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पंचायती राज प्रकोष्ठ एवं प्रतिनिधियों की बैठक की अध्यक्षता की। यहाँ उन्होंने सरकार पर और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खू सरकार ‘आपदा प्रबंधन अधिनियम’ का बहाना बनाकर जानबूझकर पंचायत और स्थानीय निकायों के चुनावों को टाल रही है। बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा,”यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि एक तरफ सरकार आपदा का हवाला देकर चुनाव नहीं करवा रही, वहीं दूसरी ओर अपनी सरकार के तीन साल पूरे होने का जश्न मना रही है और बड़े-बड़े मेलों का आयोजन कर रही है। यह सरकार की दोहरी नीति और लोकतंत्र के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। जयराम ठाकुर ने पंचायतीराज चुनावों के मामले में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सरकार को लगाई गई फटकार का स्वागत किया। उन्होंने मांग की कि सरकार अब बिना किसी देरी के चुनाव प्रक्रिया शुरू करे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य बाधित न हों और लोकतांत्रिक व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल हो सके। कार्यक्रम के समापन पर जयराम ठाकुर ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए समर्पित होकर कार्य करें। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनविरोधी निर्णयों को वापस नहीं लिया गया और कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ, तो भाजपा जल्द ही पूरे प्रदेश में एक निर्णायक जन-आंदोलन शुरू करेगी। केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में अब देशवासियों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार मिलेगा – बैठक में ऊना सदर से विधायक व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने केंद्र सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किया है, जिसके तहत अब देशवासियों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। सत्ती ने कहा कि मनरेगा की कमियों को दूर करते हुए 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर यह बदलाव किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस योजना को लेकर लोगों में भ्रम फैला रही है। कांग्रेस को ‘विकसित भारत’ से आपत्ति नहीं, बल्कि उन्हें आपत्ति केवल ‘श्रीराम’ के नाम से है। पूर्णकालिक विस्तारक, हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के अमित शर्मा ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका और पंचायती राज प्रकोष्ठ के दायित्वों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं, समस्त प्रकोष्ठ भाजपा के प्रदेश संयोजक पुरुषोतम गुलेरिया ने भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि और संगठनात्मक संरचना पर विचार रखे। पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनोद ठाकुर ने भी संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्य को तेज करने पर जोर दिया। बैठक में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंचायती राज चुनावों की रणनीति को लेकर विचार-विमर्श किया और संगठनात्मक मजबूती का संकल्प लिया। इस मौके पर पूर्व विधायक बलबीर सिंह दविंदर भुट्टो, रामकुमार, चैतन्य शर्मा, राजेश ठाकुर, जिला अध्यक्ष श्याम मिन्हास,भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक कृष्णपाल शर्मा (ऊना), हमीरपुर से रमेश शर्मा, मंडी से पाल वर्मा, कांगड़ से रमेश बराड़, सोलन से रमेश ठाकुर, चंबा से डा. नीलम कुमारी, महासू से राजेंद्र चंदेल, सोलन से शीला कुमारी, पालमपुर से सूबेदार विजय भटट, चौपाल से मंगत राम शर्मा, नूरपूर से सिकंदर कुमार, सरकाघाट से चंद्रमोहन शर्मा, चंबा (पांगी) से हाकम राणा, कुटलैहड़ से राजेश कुमार सहित प्रदेश से सभी जिलों के संयोजक व सह संयोजक उपस्थित रहे।
































