एडीसी ने जागरूकता अभियान पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ की बैठक
ऊना (4 नवंबर)- नशे की रोकथाम के लिए विशेष जागरूकता अभियान पूरे हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ जिला ऊना में भी 15 नवंबर से चलाया जाएगा। इस विशेष अभियान की रूपरेखा निर्धारित करने के लिए आज बचत भवन में एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त अरिंदम चौधरी ने की।
बैठक में एडीसी ने कहा कि प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देश पर यह विशेष अभियान पूरे राज्य के साथ-साथ ऊना जिला में 15 नवंबर से 15 दिसंबर 2019 तक चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जन-जन को नशे के विरूद्ध जागरूक बनाकर इस दलदल में फंसने से बचाना है। अरिंदम चौधरी ने कहा कि इस महत्वपूर्ण अभियान की सफलता विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और युवाओं के आपसी समन्वय पर निर्भर करती है। जिला के सभी एसडीएम अपने-अपने उप-मंडलों में इस विशेष अभियान की निगरानी करेंगे।
अभियान में होगी हर विभाग की भागीदारी
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस अभियान की सफलता के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की है, जिसमें सभी विभागों की भागीदारी तय की गई है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के दौरान प्रभात फेरी निकाली जाएगी, योग शिविर लगाए जाएंगे। विद्यालय, महाविद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं कार्यालय स्तर पर नशे के विरूद्ध शपथ दिलाई जाएगी और निर्धारित स्तरों पर नशाखोरी के विरूद्ध संवाद व नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 7 नवंबर को उपायुक्त संदीप कुमार इस अभियान पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे और उस बैठक में सभी विभाग अपनी-अपनी रणनीति तैयार करके लाएं, जिस पर चर्चा की जाएगी।
61 मास्टर ट्रेनर होंगे तैनात
नशे पर जागरूकता लाने के लिए जिला में 61 मास्टर ट्रेनर तैनात होंगे, जिन्हें आवश्यकता अनुसार युवाओं को जागरूक कराने के लिए बुलाया जाएगा। इसके अलावा जागरूकता अभियान में फोक मीडिया ग्रुप भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। एडीसी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व ड्रग्स इंस्पेक्टर दवा विक्रेताओं की दुकानों का औचक निरीक्षण भी करेंगे।
ऐप के माध्यम से दें नशा तस्करों की जानकारी
बैठक में एएसपी विनोद धीमान ने बताया कि पुलिस विभाग ने ड्रग फ्री हिमाचल नामक ऐप बनाई है, जो गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद नशा तस्करों व उन्हें बेचने वालों के बारे में पुलिस के साथ जानकारी सांझा की जा सकती है। इस ऐप में सूचना देने वाला नाम गुप्त रखा जाता है और सूचना देने वाले की जानकारी पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी नहीं होती।
ये रहे उपस्थित
बैठक में एएसपी विनोद धीमान, एसडीएम डॉ. सुरेश जसवाल, तोरुल एस रवीश, विनय मोदी, विशाल शर्मा, पीओ डीआरडीए संजीव ठाकुर, सीएमओ डॉ. रमन कुमार शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व शिक्षण संस्थानों के प्रमुख शामिल हुए।































