निगम आयुक्त की अपील प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टर चालू मास में जमा करवाएं टैक्स अन्यथा प्रॉपर्टी होगी सील
करनाल, आशुतोष गौतम ( 3 जनवरी ) प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर लम्बे समय से चले आ रहे डिफाल्टरों के प्रति सरकार की सख्ती और निगम के प्रयासों से अब करनाल नगर निगम के खजाने में 11 करोड़ 21 लाख रूपये जमा हो चुके हैं। ब्याज की छूट के चलते आखिरी दिन यानि 31 दिसम्बर को एक ही दिन में 83 लाख 95 हजार 725 रूपये की राशि जमा हुई। बेशक वित्तीय वर्ष की समाप्ति में अभी तीन महीने बाकी है, लेकिन बकायादारों को ब्याज की छूट का लाभ नहीं मिलेगा और उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स भरना ही पड़ेगा। अन्यथा उनके बैंक खाते सील व चल सम्पत्ति अटैच होगी। निगम आयुक्त राजीव मेहता ने शहर के ऐसे तमाम सरकारी व गैर-सरकारी प्रतिष्ठïानो से अपील कर कहा है कि जिन विभागों ने सर्विस टैक्स अदा करना है वे उसे जमा करवाने की कार्रवाई करें तथा जिन सरकारी व निजी संस्थानो की ओर करोड़ो रूपया प्रॉपर्टी टैक्स का बकाया है, वे भी इसे जमा करवाने के लिए जरूरी कदम उठाएं। अन्यथा निगम की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से सख्त हिदायत की गई है कि भविष्य में नगर निगम जैसे निकायों को कोई ग्रांट नहीं मिलेगी। अपने खर्चे स्वयं चलाने के लिए सोर्स ढूंढने पड़ेंगे। स्वयं मुख्यमंत्री और करनाल से जन प्रतिनिधि भी पिछले दिनो पार्षदो की एक मीटिंग में सरकार के इस निर्णय का खुलासा कर चुके हैं। मीटिंग में सभी पार्षदो ने एकमत से सहमति जताई थी कि बकायादारों से टैक्स की वसूली करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की आय प्रॉपर्टी टैक्स और निगम की दुकानो से आने वाले किराए से होती है, जिसके अभी भी करोड़ो रूपये बकाया पड़े हैं। दूसरी तरफ एक अनुमान के अनुसार निगम का वार्षिक खर्चा 80 करोड़ के लगभग है और आय मात्र 35 करोड़ है। जाहिर है कि इस गैप को पूरा करने के लिए आय के सोर्स ढूंढ कर धनराशि इकठï्ïठी करनी पड़ेगी। निगम आयुक्त ने शहर के उन संस्थानो को धन्यवाद दिया है, जिन्होंने निगम की अपील पर बकाया टैक्स को निगम के खजाने में जमा करवाया है। इनमें आदर्श पब्लिक स्कूल, दयाल सिंह कॉलेज, जनरल मेनेजर डीआईसी, रामा होटल, हरियाणा टूरिजम कॉर्पोरेशन, मैहता फार्म काछवा रोड़, परम पैलस राम नगर, होटल ग्रेस, होटल अरोमा, होटल न्यू वर्ड तथा एचएसआईआईडीसी इत्यादि शामिल है।

































