करनाल शुगर मिल की क्षमता बढ़ना किसानों की बरसों पुरानी मांग: रतन सिंह नली
करनाल, आशुतोष गौतम ( 27 जनवरी ) करनाल शुगर मिल के पूर्व वाइस चेयरमैन पवन कल्याण व पूर्व डॉयरेक्टर रतन सिंह नली ने पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर पर करनाल व पानीपत शुगर मिल की क्षमता बढ़ाने संबंधी राजनीतिक आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि करनाल शुगर मिल की क्षमता को बढ़ाने की किसानों की बरसों पुरानी मांग थी जिसे पूर्व की किसी भी सरकार में गंभीरता से नहीं लिया गया, अब भाजपा सरकार के कार्यकाल में करनाल शुगर मिल की क्षमता बढ़ाने का काम चल रहा है जो कि हजम नहीं हो रहा। पूर्व वाइस चेयरमैन पवन कल्याण व पूर्व डॉयरेक्टर रतन सिंह नली ने कहा कि हमारे किसान शुगर मिल छोटा व कंडम होने के कारण गन्ना बिजाई कम व सीमित कर रहे थे लेकिन अब जो शुगर मिल बन रहा है वो उसमे खुलकर गन्ने की बिजाई कर सकते हैं। करनाल नए शुगर मिल की डिमांड लगभग पिछले 20 वर्षों से हो रही थी इस दौरान पिछली सरकारों ने बार बार नए शुगर मिल लगाने का पत्थर भी लगाया पर शुगर मिल की कोई सुध नहीं ली लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में करनाल शुगर मिल के डॉयरेक्टरों का एक प्रतिनिधि मंडल पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर से मिला और उन्होंने शुगर मिल को नया व बड़ा बनाने का आग्रह किया, उन्होंने हमारी मांगों पर विचार करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष हमारी बरसों पुरानी मांग रखी, मुख्यमंत्री ने करनाल शुगर मिल को नया बनाने की मांग मान ली और अब करनाल शुगर मिल को 2200 से 3500 टन बनाने का निर्णय लिया, जिस पर अब काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि करनाल के किसानों की यह मांग बहुत पुरानी थी, शुगर मिल की क्षमता बढ़ने से सभी किसानों का भला होगा। पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर पर जो आरोप कांग्रेस व आजाद विधायक लगा रहे हैं वे पूरी तरह मनगढंत, बेबुनियाद और किसान विरोधी हैं। करनाल शुगर मिल की क्षमता को बढ़ाने में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जा रही है, अब जो शुगर मिल की क्षमता बढ़ाने के लिए विस्तार हो रहा है इसमे कोई हेराफेरी या घोटाला नहीं है। पूर्व सहकारिता मंत्री पर आरोप लगाकर कांग्रेस व आजाद विधायक अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने का काम कर रहे हैं क्योंकि उनसे यह शुगर मिल का विस्तार देखा नहीं जा रहा।

































