पकड़े गए पशुओं को वापिस नहीं किया जाएगा, भेजा जाएगा गौशालाओं में: धीरज कुमार
करनाल, आशुतोष गौतम ( 1 जून ) सड़कों पर भटकते पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में भेजने के लिए नगर निगम ने धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं को साथ लेकर अब सख्ती बढ़ा दी है। उप निगमायुक्त धीरज कुमार ने कहा है कि नगर निगम ने अब सड़क पर विचरते पशुओं को पकडऩे के लिए विशेष अभियान चलाया है, जो भविष्य में भी जारी रहेगा। इसके तहत सड़कों पर जहां भी पशु भटकते दिखे, उन्हें गौशालाओं में छोड़ा जाएगा। उप निगमायुक्त के तहत जो लोग पशुओं का दूध निकालकर उन्हें अपनी डेयरियों के आस-पास या सड़क पर विचरण करने के लिए छोड़ देते हैं, उनको पकड़कर वापिस नहीं किया जाएगा। ऐसे पशु सीधे गौशालाओं में भेजे जाएंगे। जिन लोगों के पास पालतू पशु हैं, उन्हें घर में ही रखें, सड़क पर या खुले में ना छोड़ें। उप निगमायुक्त ने आगे कहा है कि सड़कों पर भटकते पशुओं का मुद्ïदा केवल एक जिले का नहीं, पूरे प्रदेश का है। इसके निदान के लिए सरकार गम्भीरता से विचार कर रही है। पिछले दिनो प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विडियो कॉन्फ्रैंसिंग के जरिए इस मुद्ïदे के हल के लिए कमेटियां बनाने की बात कही थी। पशु-पालन विभाग के उप निदेशक या मुख्य वैटरनरी सर्जन इसके नोडल होंगे। सरकार की योजना अनुसार सभी पशुओं की टैगिंग की जाएगी। एक बड़ा अभियान चलाकर सड़क पर भटकते पशुओं को पकड़कर उन्हें गौशालाओं में भेजा जाएगा। जिन गौशालाओं के पास जमीन की कमी है, वे जरूरत अनुसार पंचायतों से लीज़ पर ले सकते हैं। धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं नई गौशालाएं भी बना सकती हैं। सरकार की ओर से गौशालाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।
































