अपनी गल्ती मानने के बजाए उल्टा नर्स ने नवजात के मॉ और पिता को जेल भेजने की दी धमकी
हरियाणा के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं के नाम पर बड़े बड़े दावें करने वाली प्रदेश सरकार के सभी दावों की खुली पोल
करनाल, आशुतोष गौतम ( 5 जनवरी ) हरियाणा के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं के नाम पर बड़े बड़े दावें करने वाली प्रदेश सरकार के सभी दावों की पोल करनाल के गांव काछवा में खुल कर सामने आई है। यहां पर स्थित प्राथमिक स्वास्थ केंद्र के गेट पर ताला लटके होने की वजह से एक गर्भवती ने प्रसव पीढ़ा को बर्दाशत करते हुए स्वास्थ्य केंद्र के सामने सड़क किनारे खड़े ऑटो में ही बच्ची को जन्म दे दिया। गर्भवती को गांव में न तो किसी आशा वर्क की सहायता मिली और न ही स्वास्थ्य केंद्र में कोई डाक्टर और नर्स मिली, जिस कारण महिला को जोखिम भरे महौल्ल में ही बच्चे को जन्म देना पड़ गया। इतना ही नही जैसे ही इस घटना की सूचना स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को मिली तो आनन-फानन में एक नर्स मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि उक्त नर्स ने नवजात बच्ची व उसकी मॉ की हालत पर ध्यान देने की बजाए उलटा उन्हें ही धमकाना आरंभ कर दिया। मासूम बच्ची के माता पिता का आरोप है कि नर्स ने उन्हें जेल भेजने की धमकी दी और धमकाते हुए कहा कि आटो में ही बच्चे को जन्म दे दिया और हमारे पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए। इधर जैसे ही ये मामला गांव में आग की तरह फैला तो लोगों ने इसका विडियों बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। जिस के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कप मचा हुआ है। इधर इस बार में सीएमओं से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसी किसी घटना के बारें में कोई जानकारी नही है। उनका कहना है कि वे इसकी जानकारी लेने बाद ही कुछ बता पाएगें, फिलहाल उन्होंने इसकी जांच कराने का दावा किया है। उधर इस प्राथमिक चिकित्सा केंद्र की एसएमओं ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया है। उनका कहना है कि जो कुछ भी जानकारी चाहिए तो उनके उच्च अधिकारियों से ली जाए। इधर पता चला है कि इस स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की काफी कमी है और गांव के लोगों को अकसर बिमारियों को लेकर दो चार होना ही पड़ता है। इधर इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए गांव काछवा के निवासी प्रवीन कुमार ने बताया उनकी पत्नी गर्भवती थी और उसकी देखभाल गांव की एक आशा वर्क कर रही थी। उन्होंने बताया शुक्रवार की देर रात को उसकी पत्नी निर्मला देवी को प्रसव पीढ़ा होनी शुरू हो गई, जब पीढ़ा अधिक होने लगी तो उन्होंने इसकी सूचना आशा वर्क को दी, लेकिन आशा वर्क ने स्वयं को गांव से बाहर होने की बात कह कर उसे गांव के बाहर स्थित प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में ले जाने के लिए कह दिया। प्रवीन बेहद की गरीब परिवार से संबंध रखता है। प्रवीन बताया कि वह शनिवार को तड़के गांव से आटो किराए पर लाया और अपनी पत्नी निर्मला को डिलीवरी के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर ले गया। प्रवीन बताया कि जब वह स्वाथ्य केंद्र पर पहुंचा तो वहां पर ताला लटका हुआ था, उसने आस पास के लोगों से डाक्टरों व स्टाफ के बारें में पता किया, लेकिन कहीं से उसे कुछ भी जानकारी नही मिली और उधर उसकी पत्नी प्रसव पीढ़ा से आटो में चिखती-चिलाती रही। इतने में कोई मौके पर आता, उस से पहले की महिला ने आटो में ही बच्ची को जन्म दे दिया। बताया जा रहा है कि इसके बाद ही मौके पर डाक्टरों व नर्स ने इन्हें संभाला। आरोप है कि मौके पर पहुंची नर्स ने महिला व उसके पति को डराया और धमकाया तथा आटो में बच्ची को जन्म देने के आरोप में जेल भेजने की धमकी दी। ज्ञात रहे कि इतनी सर्दी में इतना बड़ा हासदा होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ की संवेदना ऐसी होगी, ये सोचने का विषय है। इधर सिविल सर्जन का कहना है कि डिलीवरी के बाद डाक्टरों ने जच्चा और बच्चा को संभाल लिया था और वो दोनों ठीक है। उन्होंने इस मामले की जांच केा आदेश दिए है और जिस नर्स ने र्दुव्यवाहर किया है, उसके बारें में रिर्पाट तलब की है।

































