राईस मिल्ज के पैसों में सेंध लगाने वाला मिल्ज का एकाउंटेंट पत्नी सहित चढ़ा पुलिस के हत्थे, रूपये व सामान बरामद
करनाल, आशुतोष गौतम (7 नवंबर) सुभाष कौशल पुत्र राजा राम वासी हंस राईस मिल्ज तरावड़ी ने थाना तरावड़ी में शिकायत दी कि उनके पास संजीव शर्मा पुत्र कपूरचंद वासी वार्ड नं. 4 चीका हाल सीएचडी सीटी बतौर एकाउंटेंट नौकरी करता था, जिसे नौकरी से निकाल दिया गया था। जो नौकरी छोड़कर जाते समय अपने साथ फर्म के कुछ चैक भी चोरी से ले गया व उसने इन चैकों पर फर्जी हस्ताक्षर करके इनका उपयोग करते हुए फर्म के खाते से कई अलग-अलग खातों में 74,13,750 रूपये का आरटीजीएस कर लिया। जो उनकी शिकायत पर थाना तरावड़ी में मुकदमा धारा 408, 420, 467, 468, 471, 34 भादस के तहत दर्ज किया गया। यह मामला जैसे ही पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह भौरिया के संज्ञान में आया तो उन्होंनें करनाल पुलिस की क्राइम युनिट सीआईए-1 इन्चार्ज निरीक्षक दीपेन्द्र राणा को सौंपी गई। जो आदेशोंनुसार निरीक्षक दीपेन्द्र राणा ने उप-निरीक्षक जयपाल सिंह के नेतृत्व में टीम गठीत कर मामले की जांच शुरू। दौराने जांच पुलिस द्वारा दो आरोपीयों साक्षी और शीतल सरदाना को पहले ही गिरफतार कर लिया गया था, लेकिन मामले का मुख्य आरोपी संजीव शर्मा अभी पुलिस की गिरफत से बाहर था। उप-निरीक्षक जयपाल सिंह के अथक प्रयासों से कामयाबी पुलिस टीम के हाथ लगी, पुलिस टीम द्वारा गुप्त सुचना के आधार पर बलड़ी बाईपास करनाल से आरोपी संजीव शर्मा व उसकी पत्नी रेनू शर्मा को गिरफतार किया। पुलिस टीम द्वारा दोनों आरोपीयों को माननीय अदालत के सामने पेशकर 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। दौराने रिमांड आरोपीयों से पूछताछ कर 36,38,080 रूपये नकद व उन रूपयों से खरीदा गया सामान और एक लैपटाप बरामद किया गया, इसके साथ ही आरोपीयों के खातों से 27,15000 रूपये का आरटीजीएस वापीस राईस मिल्ज के एकाउंट में डलवाए गए। दोनों आरोपीयों की रिमांड अवधी समाप्त होने के बाद उन्हें पून: अदालत के सामने पेश किया गया, जहां से आरोपीया रेनू को न्यायीक हिरासत में भेज दिया गया व आरोपी संजीव शर्मा का ओर 3 दिन का रिमांड हासिल किया गया। दौराने रिमांड पुलिस टीम द्वारा आरोपी से मामले में बकाया राशि के संबंध में पूछताछ कर बरामद की जाएगी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ कैथल में एक राईस मिल्ज में चावल की धोखादड़ी को लेकर भी मामला दर्ज है व एक मामला मारपीट की धाराओं में भी इसके खिलाफ कैथल में दर्ज है।































