धर्मपुर – कुमारहटी के नजदीक उद्योग स्थापित करने की उठी मांग, तीस से चालीस कि.मी की दुरी तय कर जाबली – परवाणू जाना पड रहा
BHT news, धर्मपुर (सोलन) प्रदेश सरकार की और से बसो मे एक मुश्त किराया बढाने से जहां उद्योगो मे काम करने वाले कामगारो को दुखी किया है वही आम जनता भी परेशान हैं और सरकार के किराया बढाने के खिलाफ है। किराये मे वृदि देखकर कामगार तो दुखी है ही लेकिन निजी बस आपरेटर भी अब सरकार से खासे नाराज चल रहे है। इस मामले में निजी बस आपरेटरो का कहना है कि सरकार की और से ज्यादा किराया बढा दिया गया है जिससे अब बसो मे यात्रीयो की सख्या दिन प्रतिदिन कम होने लगी है। हर रोज बसो मे सफर करने वाले यात्रीयो ने अपने निजी वाहनो मे सफर करना शुरू कर दिया है। वही कुछ लोगो ने चार व पांच का ग्रुप बनाकर एक गाडी मे नौकरी करने जा रहे है। जिसके कारण बसो मे सवारीयां कम हो रही है। जिसका सीधा असर बस मालिको की जेब पर पडने लगा है। वही अगर दुसरी और उद्योगो मे काम करने वाले कामगारो की सुनी जाऐ तो उनका कहना है कि बस मे किराये बढने से उनके घर के बजट पर सीधा असर पडा है। सोलन,कुमारहटी,धर्मपुर,गाधीग्राम,डगशाई,अन्हेच,बोहली,जोहडजी ,सुल्तानपुर,लौहाजी,बडोग ,कसौली ,गढखल,कंडा ,गढखल,गुलहाडी से उद्योगो मे काम करने वाली महिला व पुरषो को जाबली व परवाणू निजी बसो मे सफर कर नौकरी पर पंहुचना पडता है। इन कामगारो को 10 हजार से 15 हजार तक महिना मासिक वेतन मिलता है। इस वेतनमान मे परिवार का खर्च,बच्चो की शिक्षा व बस का किराया देना पड रहा है। जिसके कारण बसो मे बडे किराया देने का असर इनकी जेब पर सीधा पड रहा है। जिसके कारण आऐ दिन बसो मे परिचालक से बहस होती रहती है।बडोग,कुमारहटी,अन्हेज,बोहली जोहडजी डगशाई ,धर्मपुर से जाबली के उद्योगो मे कार्यरत महिला न पूरष कामगारो ने सरकार से मांग करते हुये कहा कि धर्मपुर या कुमारहटी मे कोई बडा उद्योग लगाया जाऐ ताकि यहां के लोगो को नजदीक रोजगार मिल सके। उद्योग विभाग किसी बडे उद्वमी को उद्योग लगाने के आदेश दे ताकि धर्मपुर कुमारहटी व कसौली की स्थानीय महिला व पूरष व युवा वर्ग अपने क्षेत्र मे रहकर अपने परिवार के लिए रोजी रोटी कमा सके। अभी इन लोगो को तीस से चालीस कि.मी.का सफर तय करने के बाद कामकार अपने परिवार का पालन पोषण करने पंहुच रहे है। इन लोगो ने कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी से भी मीडिया के माध्यम से नजदीक उद्योग स्थापित करने की मांग की है।



























