महात्मा गांधी की शिक्षाएं प्रत्येक भारतीय के लिए आज भी प्रासंगिकः सीएम जयराम ठाकुर
शिमला (3 अक्तूबर ) महात्मा गांधी की शिक्षाएं वर्तमान समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं और प्रत्येक भारतीय के लिए आज भी प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात 2 अक्तूबर देर सायं भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में आयोजित महात्मा गांधी की 150वी जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी अहिंसा, स्वच्छता, समानता तथा गरीबों के सशक्तिकरण पर बल देते थे और ये सभी सिद्धांत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्रीय भाजपा सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की धुरी हैं।
जय राम ठाकुर ने कहा कि गांधी जी ने हमेशा यही शिक्षा दी कि अन्याय का सही तरीके से विरोध करो और वे अपने अनुयायियों से कहा करते थे कि केवल अन्याय का विरोध किया जाना चाहिए, न की व्यक्ति विशेष का। उन्होंने कहा कि बापू ने यही सिखाया कि राष्ट्र हो अथवा व्यक्तिगत लक्ष्य इन्हें कठिन परिश्रम, सच्चाई और दृढ़ता के साथ प्राप्त किया जा सकता है। वे सदैव राष्ट्रीय समानता, धर्म और जाति भेदभाव से मुक्त समाज में विश्वास रखते थे। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने अपने अनुयायियों को एक ही सिंद्धात सिखाया था कि केवल प्रेम ही घृणा को दूर कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब शिमला ब्रिटिश इंडिया की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी, महात्मा गांधी कई बार शिमला आए तथा कहा कि शिमला में ऐसे कई स्थान है जहां महात्मा गांधी ने भ्रमण किया और वहां ठहरे। राज्य सरकार ने इन सभी स्थलों को विशेष पहचान दी है ताकि इन्हें पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनाया जा सके। यह केवल महात्मा गांधी की प्रेरणाओं का ही नतीजा है कि हिमाचल प्रदेश के लोगों ने भी आजादी की जंग में बढ़-चढ़ कर भाग लिया था। जय राम ठाकुर ने महात्मा गांधी जी के 150वें जयंती को बड़े स्तर पर आयोजित करने के लिए भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने विभाग द्वारा आयोजित समारोह में विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी किया।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, अतिरिक्त मुख्य सचिव भाषा, कला एवं संस्कृति राम सुभग सिंह, नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट, नगर निगम के पार्षदगण तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

































