करनाल, आशुतोष गौतम ( 21 सितंबर) कुछ महीने पहले यमुनानगर जेल से करनाल अदालत में पेशी पर आए ईनामी बदमाश सुनील उर्फ खीरा को उसके कुछ साथी नए बस स्टैंड करनाल पर पुलिसकर्मीयों पर फायरींग कर छुड़ा ले गए थे। जो थाना सदर करनाल में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास व धारा शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। उपरोक्त मामले के संबंध में पुलिस काफी दिनों से उनकी तलाश कर रही थी, कुछ दिन पहले ही ईनामी बदमाश सुनील उर्फ खीरा व उसके साथीयों को राजस्थान में बिकानेर पुलिस द्वारा गिरफतार किया गया है। जिसे बहुत जल्द करनाल पुलिस द्वारा प्रोडक्षन वारंट पर करनाल लाया जाएगा। करनाल पुलिस की क्राइम युनिट सीआईए-1 इन्चार्ज निरीक्षक दीपेन्द्र राणा को गुप्त सुत्रों के हवाले से ईनामी बदमाश सुनील उर्फ खीरा की भागने में मदद करने वाले उसके एक अन्य साथी के संबंध में सुचना प्राप्त हुई। सुचना मिलते ही निरीक्षक दीपेन्द्र राणा द्वारा मुख्य सिपाही रोहित कुमार की अध्यक्षता में एक टीम का गठन कर योजनाबद्वा तरीके से संबंधीत स्थान कर्ण विहार मोड़ सै. 6 ग्रीन बैल्ट के पास छापामारी करके आरोपी मंजीत उर्फ बिन्ना वासी कर्णविहार को एक अवैध देशी पिस्तौल 315 बौर व एक जिंदा रौंद के साथ गिरफतार किया। पुलिस टीम द्वारा की गई पुछताछ पर आरोपी ने बताया कि सुनील उर्फ खीरा रिश्तेदारी के नाते उसका भाई लगता है और वह यमुनानगर जेल से उसे फोन करता था। जो फोन पर ही सुनील उर्फ खीरा व अंकुश कमालपूर और अभिशेख के साथ खीरा को पुलिस से छुड़ाने की योजना बनाई गई। योजना के मुताबिक अंकुश कमालपूर व अभिशेख मोटर साईकिल पर सवार होकर और हथियार लेकर नए बस स्टैंड करनाल पर पहुंच गए। जहां पर उन्होंनें पुलिस कर्मीयों पर फायर कर सुनील उर्फ खीरा को छुड़ा लिया। इसके बाद वहां से भागने के बाद वे बलड़ी बाईपास पर अल्फा सिटी के पास आए, जहां पर आरोपी मंजीत पहले से ही स्वीफट डिजायर कार के साथ उनका इंतजार कर रहा था। उनके वहां पहुंचते ही मंजीत ने अपनी कार उनको दी व उनसे कार लेकर वहां से अपने घर चला गया और वे उससे कार लेकर वहां से फरार हो गए। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को माननीय अदालत के सामने पेशकर अदालत के आदेशानुसार जिला जेल भेज दिया गया।






























