ऊना में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरा
डॉ रणधीर जसवाल,ऊना, 16 जुलाई। ऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने जिला ऊना में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिला भर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है, जबकि पुलिस प्रशासन इन घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि पहले लोगों के वाहन चोरी हो रहे थे, उसके बाद घरों और दुकानों में सेंधमारी की घटनाएं बढ़ीं और अब पशुधन चोरी जैसी वारदातें भी लगातार सामने आ रही हैं और आमजन खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक और कानून व्यवस्था के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यदि अपराधियों के हौसले इसी तरह बुलंद रहे तो आम नागरिकों का पुलिस व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा।उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के कई अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन की बजाय सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय दिखाई देते हैं, जबकि धरातल पर उनकी कार्यप्रणाली लगभग शून्य हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बजाय अधिकारियों की सक्रियता केवल कांग्रेस नेताओं के कहने पर आम लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करने तक सीमित होकर रह गई है। विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार और पुलिस विभाग जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाने पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करते हैं, लेकिन इन कैमरों का अपराध नियंत्रण में कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कैमरों के बावजूद चोरी और अन्य आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं तो आखिर इन कैमरों का वास्तविक उद्देश्य क्या है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या ये कैमरे केवल लोगों को दिखाने के लिए ही लगाए गए हैं।सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार से कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भाजपा जनता की आवाज बनकर इस मुद्दे को और मजबूती से उठाएगी।































