गेहूं खरीद की समय सीमा को बढ़ाया जाए – देशराज मोदगिल
बंगाणा (राजीव) किसानों से गेहूं खरीद करने के लिए सरकार ने जो खरीद केंद्र खोले हैं उनमें 10 जून की अंतिम तिथि निर्धारित की है परंतु अभी तक किसानों की काफी मात्रा में गेहूं बेचने के लिए बकाया है, उना जिला में खरीद केंद्रों पर किसानों के गेहूं के लदे हुए ट्रैक्टर और गाड़ियां कतारों में खड़ी हैं परंतु खरीद केंद्र वाले लोग सभी किसानों की गेहूं खरीद नहीं पा रहे हैं। राष्ट्रीय किसान संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री देशराज मोदगिल ने अपने प्रेस नोट के माध्यम से सरकार से आग्रह किया है कि गेहूं खरीद केंद्रों के माध्यम से खरीद करने की निर्धारित तिथि को बढ़ाया जाए ताकि सभी किसान अपनी अपनी फसल को खरीद केंद्रों में बेच सकें। मोदगिल ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीनों कृषि सुधार बिल पास करते हुए यह दावा किया था कि अब मार्केट में किसानों को एमएसपी से अधिक रेट मिलेंगे, परंतु मार्केट में किसानों को बहुत कम रेट मिल रहे हैं । इससे पहले मक्की की फसल भी किसानों को औने पौने दामों यानी 1000 से 1200 प्रति क्विंटल के रेट पर बेचनी पड़ी। इससे यह साबित हो गया है कि नए बने कृषि कानूनों से किसानों का कोई भला होने वाला नहीं है इनसे केवल बड़े बड़े पूंजीपति ही मालामाल होंगे। मोदगिल ने कहा कि यदि सरकार ने गेहूं खरीद करने की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई तो राष्ट्रीय किसान संगठन आंदोलन करने पर विवश होगा । क्योंकि किसानों ने खून पसीना एक करके फसल तैयार की है और अगर उसे बेचने के लिए मार्किट ही ना मिले तो किसान कहां जाए । इसलिए संगठन सरकार से मांग करता है कि गेहूं खरीद की समय अवधि को कम से कम 1 माह और बढ़ाया जाए ।
































