पूर्व विधायक आज नशे के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें कर रहे, लेकिन पेखूबेला अवैध शराब कांड के दौरान उनके पीएसओ और पीए की भूमिका को भी जनता जानती है
बीएचटी न्यूज, ऊनाऊना विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं हिमाचल प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को भाजपा पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल में पनपे नशे, अपराध और कथित राजनीतिक संरक्षण के मामलों पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि नशा माफिया और उसे संरक्षण देने वाली ताकतों के खिलाफ है।सत्ती ने कहा कि ऊना में 4 क्विंटल 52 किलो 660 ग्राम भुक्की की बरामदगी प्रदेश के इतिहास के सबसे बड़े मामलों में से एक है। ऐसे में केवल पंजाब से आए आरोपियों के नाम सार्वजनिक कर देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने मांग की कि पुलिस यह भी बताए कि इतनी बड़ी खेप ऊना में किसके लिए लाई गई थी, इसके स्थानीय संपर्क कौन थे और किन लोगों के संरक्षण में यह पूरा नेटवर्क संचालित हो रहा था। उन्होंने आरोपियों की निशानदेही पर बरामद ट्रैक्टर-ट्रॉली के वास्तविक मालिक और उसकी भूमिका को भी सार्वजनिक करने की मांग की।भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक आज नशे के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, लेकिन अगस्त 2019 के पेखूबेला अवैध शराब कांड के दौरान उनके पीएसओ और पीए कथित तौर पर मुख्य आरोपी के लिए मौके पर क्या करने पहुंचे थे जनता जानती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद इस मामले में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर दबाव डालकर केस वापस लिया गया। सत्ती ने कहा कि यदि कांग्रेस पारदर्शिता की बात करती है तो इन आरोपों पर भी जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करे।उन्होंने आरोप लगाया कि केवल दो माह पहले कांग्रेस ने पेखूबेला शराब कांड के मुख्य आरोपी को ग्राम पंचायत सनोली से प्रधान पद का चुनाव लड़वाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि कांग्रेस वास्तव में अपराध और नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाती है तो ऐसे व्यक्ति को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला क्यों लिया गया।सत्ती ने मैहतपुर में हुई जुए की कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि दो अलग-अलग छापों में 4.93 लाख और 5.47 लाख रुपये बरामद हुए थे। उनका दावा है कि इस मामले में हिमाचल प्रदेश सरकार की फिशरमैन वेलफेयर समिति का एक सदस्य भी आरोपी था। उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस ने उस व्यक्ति को किसी पद से हटाया या उसके खिलाफ कोई कार्रवाई की।उन्होंने 19 नवंबर 2025 को पूर्व विधायक के होटल में हुए गोलीकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरा जिला जानता है कि उस घटना का केंद्र बिंदु कौन था। उन्होंने कहा कि उस गोलीकांड में एक परिवार ने अपना जवान बेटा खो दिया, जबकि कई अन्य परिवारों के युवा आज भी कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। सत्ती ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस ने उस घटना की नैतिक जिम्मेदारी तय की या किसी के खिलाफ कोई राजनीतिक कार्रवाई की।सत्ती ने यह भी दावा किया कि हरियाणा में नशा तस्करी के मामले में पकड़े गए संतोषगढ़ के एक व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान संतोषगढ़ के ही एक बड़े कांग्रेस नेता का नाम लिया था। उन्होंने पूर्व विधायक से इस मामले में भी जनता के सामने सच्चाई रखने की मांग की।उन्होंने कहा कि भाजपा का स्पष्ट मत है कि नशा, शराब, जुआ, अवैध खनन और संगठित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो। उन्होंने सरकार और पुलिस से पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वालों को बेनकाब करने की मांग की।सत्ती ने जिला पुलिस प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जिले में कुछ अधिकारी सोशल मीडिया पर रील बनाने में अधिक व्यस्त हैं, जबकि कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन, विजिलेंस और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट में तैनात कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं और समय आने पर उनसे भी जवाब मांगा जाएगा।सतपाल सत्ती ने कहा कि भाजपा नशे और अपराध के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी तथा किसी भी दोषी को राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलने देगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई को जनता के सामने लाया जाए, ताकि प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।































