पूरे नशा नेटवर्क, स्थानीय संपर्कों और संरक्षण देने वालों का हो खुलासा, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा न जाए: सत्ती
डॉ रणधीर जसवाल, ऊना।ऊना में 4 क्विंटल 52 किलो 660 ग्राम भुक्की की रिकॉर्ड बरामदगी के बाद ऊना सदर के विधायक एवं हिमाचल प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ का हिमाचल तक पहुंच जाना कानून-व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। अब समय आ गया है कि केवल खेप पकड़ने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि पूरे नशा तस्करी नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर असली सरगनाओं को बेनकाब किया जाए।सत्ती ने कहा कि पुलिस ने वाहन में पकड़े गए दोनों आरोपियों के नाम सार्वजनिक कर दिए हैं, लेकिन प्रदेश की जनता यह भी जानना चाहती है कि वे हिमाचल में किसे नशीले पदार्थ की सप्लाई देने आए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपियों की निशानदेही पर जिस ट्रैक्टर-ट्रॉली से इससे भी बड़ी खेप बरामद हुई, वह किसकी है और उसके मालिक की भूमिका की जांच किस स्तर तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि यदि जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक ही सीमित रही तो नशे के इस संगठित कारोबार पर कभी अंकुश नहीं लग पाएगा।भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नशा माफिया के हौसले लगातार बुलंद हुए हैं और पड़ोसी राज्यों से बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ हिमाचल पहुंच रहे हैं। उन्होंने सरकार से जवाब मांगा कि आखिर इतनी बड़ी खेप प्रदेश की सीमाओं तक कैसे पहुंच गई और खुफिया तंत्र व निगरानी व्यवस्था क्या कर रही थी।सत्ती ने यह भी कहा कि कुछ समय पहले नगर परिषद संतोषगढ़ का एक व्यक्ति हरियाणा में कथित नशा तस्करी के मामले में पकड़ा गया था। उनका दावा है कि पूछताछ के दौरान उसने ऊना के एक कांग्रेस नेता का नाम लिया था, जिसके बाद हरियाणा पुलिस जांच के सिलसिले में ऊना भी पहुंची थी। उन्होंने मांग की कि जिला पुलिस इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे और यदि जांच में किसी भी राजनीतिक व्यक्ति या प्रभावशाली चेहरे की संलिप्तता सामने आई है तो बिना किसी दबाव के उसका भी खुलासा किया जाए।सत्ती ने कहा कि हिमाचल का युवा नशे की गिरफ्त में जाता रहा और यदि अब भी बड़े चेहरों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा साबित होगा। उन्होंने कहा कि केवल नशे की खेप पकड़ना उपलब्धि नहीं है, बल्कि असली सफलता तब होगी जब इस अवैध कारोबार के पूरे नेटवर्क, उसके स्थानीय संपर्कों, आर्थिक मददगारों और संरक्षण देने वालों को कानून के कठघरे में लाकर कठोर सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की मांग की।






























