कहा बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी और जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला दस्तावेज डॉ रणधीर जसवाल,ऊना। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए वर्ष 2026 के बजट पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने जोरदार हमला बोला है। सत्ती ने इस बजट को हिमाचल प्रदेश को दशकों पीछे धकेलने वाला – बजट करार देते हुए कहा कि इसमें न तो कोई दिशा है और न ही कोई दशा। यह बजट केवल आंकड़ों की बाजीगरी और जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला दस्तावेज है। सतपाल सत्ती ने बजट का विश्लेषण करते हुए आरोप लगाया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार ₹4000 करोड़ की भारी कटौती की गई है। उन्होंने कहा यह बजट हिमाचल को आर्थिक रूप से और खोखला कर देगा। कांग्रेस सरकार ने कृषि, बागवानी और मत्स्य पालन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को पूरी तरह केंद्र सरकार की योजनाओं के भरोसे छोड़ दिया है। राज्य सरकार के पास अपनी कोई ठोस पहल नहीं हैए बस पन्ने भरने का काम किया गया है।
गारंटियों के नाम पर विश्वास घात – सत्ती ने 2022 की चुनावी गारंटियों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह बजट जनता के साथ एक भद्दा मजाक है। उन्होंने प्रमुख विफलताओं को गिनाते हुए कहा कि पहली कैबिनेट में 1 लाख नौकरियों का वादा आज भी कागजों तक सीमित है।उन्होंने कहा कि 28 लाख महिलाओं को ₹1500 देने का वादा 40 महीने बीत जाने के बाद भी अधूरा है। ₹100 लीटर दूध खरीदने की गारंटी अब सिमटकर ₹60 पर आ गई है। सत्ती ने कहा कि यह सरकार आपदा और विनाश की सरकार है। 4 घंटे का लंबा बजट भाषण भी जनता के लिए किसी आपदा से कम नहीं रहाए जिससे युवाओंए किसानों और महिलाओं के हाथ सिर्फ हताशा लगी है।
माफिया राज और बदहाल कानून व्यवस्था – सत्ती ने चिंता जताते हुए कहा कि बजट में न तो कानून.व्यवस्था सुधारने का कोई रोडमैप है और न ही बंद पड़े सरकारी संस्थानों को दोबारा खोलने का जिक्र। उल्टाए और अधिक संस्थान बंद करने के संकेत देकर सरकार ने अपनी जनविरोधी मानसिकता साफ कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस खोखले बजट के खिलाफ सदन से लेकर सड़क तक जनता की आवाज उठाएगी और सरकार की नाकामियों को बेनकाब करेगी






























