योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने और बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने का किया आह्वान
डॉ रणधीर जसवाल, ऊना: शिक्षा सुधार समिति की ओर से समिति के शिक्षकों एवं सदस्यों के शारीरिक, मानसिक और भावात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से गांव ईसपुर स्थित शिव मंदिर नौन परिसर में विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का आधार बनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में समिति के संरक्षक एवं एनआरआई ओ.पी. डोगरा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर अतिथियों एवं आयोजकों की ओर से प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।योग निरीक्षक अमित शर्मा ने उपस्थित लोगों को योग के महत्व से अवगत करवाते हुए विभिन्न योगासन करवाए। उन्होंने कहा कि योग को महज किसी आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए। नियमित योगाभ्यास शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में भी सहायक है।शिविर के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।नशे के खिलाफ लिया सामूहिक संकल्पकार्यक्रम में सुरेश चंदेल ने नशा मुक्ति विषय पर अपने विचार रखते हुए युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने की अपील की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से नशे के खिलाफ प्रतिज्ञा भी ली।वहीं विजय डोगरा ने बच्चों की शिक्षा पर विचार रखते हुए कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए केवल बेहतर शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और अच्छे चरित्र का निर्माण भी बेहद जरूरी है।धैर्य डोगरा ने शिक्षा सुधार समिति की ओर से किए जा रहे सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यों की सराहना करते हुए समिति के प्रयासों को समाज के लिए उपयोगी बताया।





























