नगर निगम की बदहाली और दफ्तर के अंदर अराजकता को खुद देखा, करनाल नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया
करनाल, आशुतोष गौतम (4 दिसंबर) प्रदेश के गृह तथा स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने करनाल में नगरनिगम का औचक निीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम की बदहाली और दफ्तर के अंदर अराजकता को खुद देखा। उनके आने के बाद करनाल नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया। अध्किारियों में अफरातफरी मच गई। उनका नजला चार अफसरों तथा एक चपरासी पर गिरा। अनिल विज ने अपनी चिरपरिचित शैली में अध्किारियों की क्लास ली। यहां पर पहुंच कर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यहां पर सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है। यहां ना तो किसी के आने का समय हैं और ना ही जाने का समय है, ना ही फाइलें प्रोपर मैंटेन की जा रही है। यहां पर लोग एक एक साल से अपने काम के लिए भअक रहे हैं। किसी की भी सुनवाई नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह पढ़े लिखे मंत्री हैं। उन्हें मूर्ख बनाना किसी के वश की बात नहीं है। उन्होंने आज कार्यालय में एमई के नहीं होने को गंभीरता से लिया और उसे निलंबित कर दिया। इसी तरह काम में लापरवाही बरतने पर डीटीई मोहन कुमार को निलंबित कर दिया। इसके बाद उन्होंने सिक्योरिटी इंचार्ज, आडिट अफसर तथा चपरासी को निलंबित कर दिया। कई अधिकारियों तथा कर्मचारियों को चेतावनी दी। आज चंडीगढ़ से दिल्ली जाते समय करनाल में रुक गए। किसी को कानो कान खबर नहीं थी कि अनिल विज करनाल में हैं। उन्होंने करनाल में नगरनिगम कार्यालय पहुंच कर सभी को हैरत में डाल दिया। उनके आते ही अफरातफरी मच गई। यहां पर मेयर और नगरनिगम आयुक्त तथा डीएमसी ने उनकी अगवानी की। उसके बाद वह सभी कमरों में धुसते दिखाई दिए। उन्होंने खुद फाइलें और अफसरों की डायरी देखीं। उन्होंने फाइलों में कमी निकाल दी। रिपार्टिंग व्यवस्था ना होने पर अफसरों और कर्मचारियों को धमकाया। उन्होंने इस बात का मेयर को भी अहसास करवाया कि उन्हं भी उनकी तरह काम करना चाहिए। वहां पर पहुंचे लोगों की शिकायतें उन्होंने सुनीं। शिकायतों पर कार्रवाई ना होने पर उन्होंने अप्ऊसरों की क्लास ली।

































