क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त सुदर्शन कुमार ने बताया ईपीएफओ ने शुरू की नई सुविधा
अनू शर्मा, सोलन ( 30 दिसंबर ) कर्मचारी भविष्य निधि सगंठन (ईपीएफओ) द्वारा शुरू की नई सुविधा के तह्त अब उद्योगों व अन्य निजी संगठनों में काम कर रहे कर्मचारी खुद यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) जेनरेट कर सकेंगे। प्रधानमंत्री के ऐसे ऑफ लीविंग नीति के कार्यान्वयन की दिशा में कदम उठाते हुए ईपीएफओ मुख्यालय ने कर्मचारियों द्वारा खुद से यूएएन जेनरेट करने की सुविधा हाल ही में प्रारंभ की है। हिमाचल में संगठित व असंगठित क्षेत्र में करीब सात लाख से अधिक कर्मचारी मौजूद हैं। जिनको ईपीएफओ की इस नई योजना का सीधा लाख मिलेगा।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त सुदर्शन कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा कर्मचारियों को सेल्फ यूएएन जनरेट करने की नई सुविधा प्रदान की है। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) एक पहचान संख्या है जो प्रत्येक कर्मचारी को भविष्य निधि खाते के साथ आवंटित की जाती है। यह कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा प्रदान किया गया एक 12-अंकीय संख्या है। कर्मचारी के बार-बार नौकरी बदलने पर भी उनका यूएएन वही रहेगा। इस पहल से पीएफ लाभ के लिए कर्मचारियों की अपने नियोक्ताओं पर निर्भरता नहीं रहेगी। अब भी किसी पात्र कर्मचारी को कोई नियोक्ता पीएफ का लाभ नहीं दे रहा हो तो वह कर्मचारी यूएएन खुद जेनरेट कर पीएफ विभाग को भेजकर पीएफ लाभ प्राप्त कर सकता है।
ऐसे करें जेनरेट यूएएन नंबर:
आवेदक को ईपीएफओ की वेबसाईट पर जाकर यूएन मेंबर पोर्टल पर जाना होगा। दूसरे स्टेप में पृष्ठ के नीचे दाईं ओर डायरेक्ट यूएएन अलॉटमेंट बाई एम्पलॉयर पर क्लिक करना होगा। इसके बाद तीसरे स्टेप में आधार लिंक्ड मोबाईल नम्बर प्रवेश करें और स्क्रीन पर इसे जेनरेट करने के लिए इंगित तरीकों/चरणों का अनुसरण करें। बाद में किसी संस्थान में नौकरी करने पर नियोक्ता को सूचित करें। इसके अलावा कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबन्ध अधिनियम 1952 के तहत जिस संस्थान में 20 या इससे अधिक कर्मचारी हैं वहां पर पीएफ लागू होना अनिवार्य है।































