इंटक ने नैतिकता के आधार पर किया हड़ताल का समर्थन, मजदूरों की रोजी पर असर न पड़े इसलिए काले बिल्ले लगाकर जताएंगे विरोध
बीबीएन24 नवंबर ( कविता गौत्तम ) केंद्र सरकार द्वारा श्रम कानूनों में किए गए बदलाव की इंटक ने कड़ी भत्र्सना करते हुए 26 नवंबर को आयोजित की जाने वाली हड़ताल का नैतिकता के आधार पर समर्थन किया है। हालांकि कोरोना के कारण मजदूरों की आर्थिकी पर पड़े असर को देखते हुए इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर दूबे व प्रदेशाध्यक्ष बबलू पंडित ने कहा है कि इस हड़ताल को आंशिक रूप से किया जाएगा तथा इस हड़ताल में कोई भी मजदूर अपना काम नहीं छोड़ेगा तथा काले बिल्ले आदि लगाकर अपना विरोध जताएगा। बबलू पंडित ने कहा कि कोरोना के कारण मजदूरों को पहले काफी आर्थिकी तंगी से जुझना पड़ा है। ऐसे में वह कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाएंगे जिससे मजदूरों की आर्थिकी पर असर पड़े। इसलिए उन्होंने इस हड़ताल को नैतिकता के आधार पर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से श्रम कानूनों में जो बदलाव किए गए हैं वह किसी भी सूरत में मजदूरों और कर्मचारियों के हित में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इन बदलावों को वापस लेना होगा।
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