ज्योती भल्ला, नालागढ़ (27 नवंबर) हिमाचल सरकार प्रदेश में बेहतर शिक्षा देने के बड़े-बड़े दावे तो करती है लेकिन इन दावों की पोल उप मंडल नालागढ़ के तहत गुरदासपुर गांव स्थित सरकारी स्कूल खोल रहा है। यहां पर आजादी के 72 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस सरकारी स्कूल के लिए कोई अपना भवन नहीं है। यह सरकारी स्कूल गांव के एक व्यक्ति द्वारा दिए गए दो कमरे में चल रहा है और इन दिनों सर्द मौसम होने को चलते बच्चे खुले आसमान के नीचे ही पढ़ने को मजबूर है। इस बार स्थानीय ग्रामीण द्वारा बार-बार विभाग व सरकार को शिकायत की गई लेकिन आज तक सरकार द्वारा इन शिकायतों पर कोई भी अमल नहीं किया गया है। जिसके चलते बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता हुआ नजर आ रहा है। आपको बता दें कि सरकारी मिडिल स्कूल में करीब 50 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और बच्चों के लिए ना तो स्कूल में बैठने की कोई ढंग की व्यवस्था है। आलम यह है कि ना ही शौचालय की व्यवस्था और ना ही पानी की उचित व्यवस्था प्रशासन कर पाया है। हैरानी यह कि बच्चे खुले आसमान के नीचे जहां पढ़ने को मजबूर है वही सोच के लिए भी खुले में जाना पड़ रहा है। सरकार की स्वच्छता मुहिम पर भी सवाल खड़े हो रहे हैंं। इन दिनों प्रदेश में सर्दी बढ़ गई है और खुले आसमान के नीचे पढ़ते पढ़ते बच्चे बीमार होने लगे उद्योगी क्षेत्र बद्दी बरोटीवाला नगर से प्रदेश सरकार के खाते में करोड़ों रुपए का राज्सब जमा होती है लेकिन सरकार उद्योग क्षेत्र नालागढ़ में विकास करवाने में नाकाम साबित हो रही है और यही कारण है कि आज भी लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
नालागढ़ के गुरदासपुर गांव में सरकारी स्कूल का अपना कोई भवन नहीं, बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर
सोच के लिए भी खुले में जाना पड़ रहा है सरकार की स्वच्छता मुहिम पर उठे सवाल





























