सरस मेले में हाथ से बने उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र, खरीददारी के लिए उमड़ी भीड़

जसवाल,ऊना ( 24 जनवरी)- ग्रामीण विकास विभाग के सरस मेले में खरीददारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। पुराना बस अड्डा ऊना पर चल रहे मेले में हाथ से बने उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं और लोग इनकी जमकर खरीददारी कर रहे हैं। मेले में 21 राज्यों के स्वयं सहायता समूह भाग ले रहे हैं, जिनके उत्पादों की प्रदर्शनी लोगों को लुभा रही है। कई राज्य ऐसे हैं जो पहली बार किसी सरस मेले में भाग ले रहे हैं। तेलंगाना व बिहार के कपड़े की काफी डिमांड है। बिहार के मशहूर भागलपुर सिल्क की साड़ियां महिलाओं को लुभा रही हैं और इनकी खूब बिक्री हो रही है। बिहार के स्टॉल देख रहे सैयाद का कहना है कि पिछले तीन दिनों में अच्छी सेल हुई है। विशेष तौर पर महिलाएं उनके उत्पादों को देखने के लिए आ रही हैं और उनकी खरीददारी भी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि भागलपुर सिल्क हथकरघा में तैयार होता है। इसी तरह तेलंगाना के स्टॉल पर हाथ से बने कपड़े के प्रति भी लोगों को काफी उत्साह है।
चंबा चुख व सोलन कुशा के उत्पाद भी चमके
सरस मेले में हिमाचल प्रदेश के कई स्वयं सहायता समूह भी भाग ले रहे हैं। चंबा की मशहूर चुख का स्वाद लेने वालों की भी कमी नहीं है। चंबा के स्टॉल पर चुख के साथ-साथ अन्य अचार भी उपलब्ध हैं। इस स्टॉल की देखरेख कर रही महिला का कहना है कि चुख की मांग अच्छी है और पिछले तीन दिन में खूब बिक्री हुई है। इसके साथ-साथ सोलन से आया स्वयं सहायता कुशा के उत्पादों की बिक्री कर रहा है। कुशा से बनी चपलें व टोकरियों लोगों को लुभा रही हैं। इस स्वयं सहायता समूह की मंजू का कहना है कि वह चायल की रहने वाली है और यहां आकर अच्छा लग रहा है। उनके उत्पाद खूब बिक रहे हैं और वह ऑर्डर पर भी पैरों के आकार के हिसाब से कुशा की चप्पलें तैयार कर देती हैं। इन चप्पलों को पानी से भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता। हमीरपुर के भरेड़ी से सरस मेले में हिस्सा लेने के लिए आए शक्ति स्वयं सहायता समूह ने अचार, चट्टनी, मुरब्बा व सेपू बड़ी की प्रदर्शनी लगाई है। स्टॉल चला रहे सोनू नेगी बताते हैं कि उनके ग्रुप का अभी कुछ सामान आना बाकी है, वैसे लोगों का रुझान ठीक है।
लुभा रहे मिट्टी के बर्तन
हरियाणा के मेवात से आए जगदीश प्रजापति ने मिट्टी के बर्तनों की प्रदर्शनी लगाई है। उनका कहना है कि वह कई मेलों में पहले भी प्रदर्शनी लगा चुके हैं। मिट्टी के कप, कुलहड़ और दूसरे बर्तन खूब बिक रहे हैं। इस स्टॉल पर रसोई में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों से लेकर ड्राइंग रूम का सजावटी सामान उपलब्ध है। जगदीश का कहना है कि लोगों में मेले के प्रति काफी उत्साह है।
तीन दिन में लगभग 15 लाख का कारोबार
पुराने बस अड्डा पर चल रहे सरस मेले के बारे में उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने बताया कि बुधवार से मेला शुरू हुआ है और मेले के पहले तीन दिनों में लगभग 15 लाख का कारोबार हुआ है। शनिवार व रविवार को छुट्टी का दिन है, ऐसे में इन दो दिनों में अधिक खरीददारों के आने की उम्मीद है जिससे स्वयं सहायता समूहों की बिक्री बढ़ने की अनुमान है। मेले का उद्देश्य ही स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों को बेचने के लिए उचित मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि मेले 31 जनवरी तक चलेगा
































