धूप और गर्मी के बीच घंटों खड़े रहे हजारों विद्यार्थी, कई बच्चों और शिक्षकों की तबीयत बिगड़ी; क्षेत्रीय अस्पताल में मचा हड़कंप
डॉ रणधीर जसवाल, ऊना, 16 सितंबर 2026:नशे के खिलाफ जन-जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अगुवाई में ऊना में आयोजित एंटी-चिट्टा वॉकाथॉन के दौरान गर्मी और उमस के बीच लगभग एक दर्जन स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ने से प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। कार्यक्रम में जिलेभर से करीब तीस हजार की संख्या में विद्यार्थी पहुंचे थे। आयोजन की तैयारियों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें और एंबुलेंस तैनात किए जाने की जानकारी पहले दी गई थी।कार्यक्रम के दौरान गर्मी के बीच लंबे समय तक मौजूद रहने के कारण कई बच्चों को चक्कर आने और तबीयत बिगड़ने की शिकायत हुई। कुछ बच्चों को उपचार के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचाया गया, जहां अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से आपातकालीन व्यवस्था पर भी दबाव देखने को मिला। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार बच्चों का चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया गया।
अस्पताल पहुंचे विधायक सतपाल सत्ती, व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल
घटना की सूचना मिलते ही ऊना के भाजपा विधायक एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे और उपचाराधीन बच्चों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने कार्यक्रम की टाइमिंग और बच्चों के लिए की गई व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।सत्ती ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान का उद्देश्य महत्वपूर्ण है, लेकिन ऊना जैसे गर्म मौसम वाले क्षेत्र में इतने बड़े कार्यक्रम के लिए समय और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों बच्चों को एकत्र तो कर लिया गया, लेकिन उन्हें धूप से बचाने के लिए पर्याप्त टेंट, पंखे और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई।उन्होंने यह भी कहा कि पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सत्ती के अनुसार, कई बच्चियों और कुछ शिक्षकों की तबीयत भी बिगड़ी और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लाया गया।सत्ती ने कहा कि सरकार को पहले ही मौसम और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चेताया गया था। उनके अनुसार, इतने बड़े आयोजन में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी।बच्चों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खूघटना के बाद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचे और उपचाराधीन बच्चों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बच्चों को डिहाइड्रेशन के कारण बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। उन्होंने बताया कि बच्चों का उपचार किया जा रहा है और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।
नशे के खिलाफ आयोजित इस बड़े जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना ने एक ओर जहां अभियान के उद्देश्य को रेखांकित किया, वहीं इतने बड़े आयोजन में मौसम, पेयजल, छांव और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।































