कहा 150वीं वर्षगांठ पर भी कांग्रेस को राष्ट्रगीत के सम्मान से परहेज, तुष्टीकरण की राजनीति छोड़ राष्ट्रीय भावना का सम्मान करे कांग्रेस
बीएचटी न्यूज, ऊना: राष्ट्रीय वॉलीबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेन्द्र कंवर ने वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस के रुख पर तीखा हमला बोलते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण और राष्ट्रभावना को ठेस पहुंचाने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्रीय गीत ने स्वतंत्रता संग्राम के दौर में देशवासियों के भीतर आजादी की लौ प्रज्वलित की, उसके सम्मान को लेकर भी कांग्रेस का राजनीतिक रवैया समझ से परे है।कंवर ने कहा कि वर्ष 2026 वंदे मातरम् की रचना के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक वर्ष है। देशभर में इस अवसर को राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया जा रहा है। ऐसे समय में कांग्रेस द्वारा अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे गाने की पुरानी व्यवस्था को दोहराना दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल का गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना और करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से जुड़ी राष्ट्रीय विरासत है। कांग्रेस को इसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय इसके ऐतिहासिक महत्व को समझना चाहिए।कंवर ने कहा कि 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा पार्टी कार्यक्रमों में केवल पहले दो अंतरे गाने की व्यवस्था दोहराई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरा देश वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ को राष्ट्रीय गौरव के अवसर के रूप में देख रहा है, तब कांग्रेस को राष्ट्रगीत के पूर्ण सम्मान से पीछे हटने की आवश्यकता क्यों महसूस हो रही है।उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन वंदे मातरम् को लेकर हुए विवाद का भी उल्लेख करते हुए कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है। ऐसे मंच पर राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों को राजनीतिक टकराव का कारण बनाना उचित नहीं है। सदन की गरिमा और राष्ट्रीय भावनाओं का सम्मान सभी दलों की जिम्मेदारी है।कंवर ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि देशहित और राष्ट्रीय प्रतीकों को वोट बैंक के चश्मे से देखने की राजनीति अब जनता स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना होगा कि राष्ट्रभक्ति किसी पार्टी की विचारधारा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों की साझा भावना है।उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता आंदोलन में लोगों को एकजुट करने और स्वाधीनता की भावना को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। आज इसकी 150वीं वर्षगांठ पर देश को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इसके सम्मान में एकजुट होना चाहिए।वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि जो गीत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा, उसे राजनीतिक विवाद में घसीटना देश की ऐतिहासिक विरासत के साथ न्याय नहीं है। कांग्रेस को राष्ट्रभावना से जुड़े मुद्दों पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने के बजाय देश की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।उन्होंने कहा कि देश की जनता सब देख और समझ रही है। राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सम्मान के विषय पर किसी भी प्रकार की राजनीति का जवाब जनता लोकतांत्रिक तरीके से देगी। उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वह तुष्टीकरण की राजनीति से ऊपर उठे, राष्ट्रहित को प्राथमिकता दे और वंदे मातरम् के सम्मान के साथ खड़ी हो।
































