क्या है इथेनॉल– इथेनॉल कृषि कचरे को प्रोसैसिंग में लेकर उससे उत्पादित एक ऐसा ईंधन है जो पैट्रोल के साथ मिश्रित कर इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत सरकार की नीति अनुसार वर्ष 2030 तक पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि वर्ष 2022 तक पैट्रोल के साथ 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित करने की योजना है। लेकिन वर्तमान में इसका उत्पादन 5 प्रतिशत से भी कम है। कृषि अधिकारी ने बताया कि हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश धान उत्पादन के मुख्य राज्य है जिसमें लाखों टन धान के उत्पादन से खेतों में बचे अवशेषों यानी पराली को किसान आग लगाकर पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं। अब पराली के सदुपयोग को लेकर नए-नए उपाय करने पर जोर दिया जा रहा है। इथेनॉल का उत्पादन भी इन्ही में से एक है इसे एक अच्छी पहल कहा जाएगा।
पराली से इथेनॉल बनाने का पानीपत में लगेगा देश का पहला संयत्र, कॉलैक्शन केे लिए 30 स्थानो की की गई पहचान
करनाल में होंगे 20 कॉलैक्शन सेंटर, किसानो से खरीदी जाएगी पराली, आय दोगुणी करने का सरकार का संकल्प होगा पूरा
करनाल, आशुतोष गौतम ( 3 जनवरी ) हरियाणा सरकार ने धान का भूसा अर्थात पराली से इथेनॉल बनाने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोशन लिमिटेड के साथ समझौता किया है। आगामी मार्च से इस पर काम शुरू होने की उमीद है। पराली जलाने से उत्पन्न प्रदूषण के खतरे से निपटने के लिए पानीपत में इथेनॉल का प्लांट लगाया जाएगा। कम्बाईन से धान कटाई के बाद खेतों में बची पराली के बेलर से बंडल बनाए जाएंगे। इसके लिए 30 कलैक्शन सैन्टर बनाए जाने की योजना है। ऐसे सैन्टरों के लिए करनाल जिला में 20 तथा पानीपत में 10 जगहों की पहचान की गई है। प्रत्येक सैन्टर पर 10 से 12 एकड़ की पराली इक_ïी की जाएगी, जो एक तय रेट पर जमीदार से खरीदेेंगे। कृषि विभाग के उप-निदेशक ने इस संबंध में बताया कि ये परियोजना न केवल पर्यावरण के अनुकूल ईधन के उपयोग को बढ़ावा देगी, बल्कि इससे किसानों की आय दोगुना करने का सरकार का लक्ष्य भी पूरा होगा। केन्द्रीय पर्यावरण मंंत्रालय ने संयंत्र की स्थापना के लिए अपनी स्वीकृति दे दी है। आई.ओ.सी.एल. के अधिकारियों के अनुसार यह देश का पहला ऐसा प्रोजैक्ट होगा जो पराली से इथेनॉल बनाएगा।
































