विकास के नाम पर लोगों की आस्था से खिलवाड़ ठीक नहीं, बिजली महादेव रोपवे निर्माण पर उठे सवाल
BHT news, शिमला: बिजली महादेव जैसे पवित्र धार्मिक स्थल पर रोपवे निर्माण के नाम पर जो प्राकृतिक संसाधनों का दोहन और पर्यावरणीय विनाश हो रहा है, वह रुकने का नाम नहीं ले रहा। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिमाचल प्रदेश को ‘देवभूमि’ कहे जाने के बावजूद यहां के देवस्थलों और आस्था स्थलों की विशिष्टता एवं मान्यता का सम्मान नहीं हो रहा। यह बात प्रैस विज्ञप्ति जारी कर प्रवक्ता सुषमा शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि बिजली महादेव क्षेत्र के लोग विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जब विकास के नाम पर उनकी ज़िंदगियों, प्राकृतिक सुरक्षा और सांस्कृतिक आस्थाओं पर संकट मंडराने लगे, तब सवाल उठना स्वाभाविक है। हर साल आपदाओं से जूझते कुल्लू ज़िले में ऐसी परियोजनाएं जो पर्वतीय ढांचे को और अधिक कमजोर व अस्थिर बनाएं, वे न केवल असंवेदनशील हैं बल्कि खतरनाक भी।हम सभी चाहते हैं कि बिजली महादेव जैसे पवित्र स्थल तक लोगों की पहुँच सरल हो, लेकिन उस सुगमता की कीमत इस स्थल की आत्मा और उसके आस-पास बसे गाँवों की सुरक्षा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी स्पष्ट करती है किजब तक इस परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय विनाश — जैसे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, पर्वतीय भू-संरचना की खुदाई, और जल स्रोतों पर प्रभाव — पर रोक नहीं लगती, हम इस रोपवे निर्माण का विरोध करते रहेंगे।आम आदमी पार्टी हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग करती है कि बिजली महादेव रोपवे निर्माण को लेकर उत्पन्न असुरक्षा की स्थिति को दूर करने के लिए तुरंत जन-सुनवाई आयोजित की जाए और स्थानीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।




























