सीता जन्म, नारद मोह व राक्षसों का ऋषि मुनियों पर अत्याचार का मंचन
करनाल, आशुतोष गौतम (30 सितंबर) नवरात्र के पहले दिन श्री रामलीला सभा की ओर से रेलवे रोड स्थित रामलीला भवन में श्री रामलीला का शुभारंभ किया गया। प्रथम दिवस पर सीता जन्म, नारद मोह व राक्षसों का ऋषि मुनियों पर अत्याचार का मंचन किया गया। रामलीला के कलाकारों ने अपने संवाद व अभिनय से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। मेयर रेणु बाला गुप्ता ने रिबन काटकर शुरूआत की। मेयर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि भगवान श्री राम की लीला इस बात की परिचायक है कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है। छल कपट करने वाले व्यक्ति को परिणाम जरूर भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने सभी को नवरात्र की बधाई दी। रेणु बाला ने कहा कि भारत में राम राज्य स्थपित किए जाने की आवश्यकता है और इसमें हर व्यक्ति को सहयोग करना होगा। इस मौके पर सुषमा कौशिक ने कलाकारों को अपनी सुरीली आवाज दी। सभा के प्रधान अजय जैन, महासचिव गौरव गर्ग, नरेश जयसवाल व अनिरूद्ध दीवान ने मेयर को स्मृति चिह्न भेंट किया। उन्होंने बताया कि नौ अक्तूबर तक रामलीला का मंचन किया जाएगा। आठ अक्तूबर को विजय दश्मी पर्व सेक्टर चार में हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।
सीता बनी रावण के नाश का कारण
कर्दम ऋषि की कन्या देवहूति पर रावण ने अपनी बुरी दृष्टि डालने की कोशिश की, लेकिन उस सती ने अपने योग बल से अपने शरीर की आहूति दे दी और रावण को श्राप दिया कि मैं दोबारा जन्म लेकर तेरे वंश का नाश करूंगी।
































