जसवाल , ऊना, 16 सितंबर:- खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय संचालन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त ऊना संदीप कुमार ने की।
डीसी ने बताया कि इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य खाद्य वस्तुओं के उत्पान, भंडारण, वितरण तथा बिक्री के संबंध में सुरक्षा और निर्धारित मानकों के अनुरूप लोगों को सुरक्षित खाद्य वस्तुएं उपलब्ध करवाना है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत ढाबा व रेस्तरां संचालकों को अपना पंजीकरण करवा कर लाइसेंस लेना जरूरी होता है। लाइसेंस नहीं लेने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 63 के तहत मुकदमा और दोष सिद्ध होने पर छह माह की कैद व पांच लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जगदीश धीमान ने इस अधिनियम की विस्तृत जानकारी देते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणीकरण और मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मोबाइल वैन के माध्यम से मौके पर ही खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच करने की सुविधा का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले प्रसाद के संबंध में भी खाद्य सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाता है।
इस अवसर पर एसडीएम ऊना डॉ. सुरेश चंद जसवाल, सीएमओ डॉ. रमन शर्मा, जिला पंचायत अधिकारी रमन शर्मा सहित अन्य अधिकारीगण माजूद रहे।































