सीएम मनोहर लाल से मिलेगा एसजीपीसी प्रतिनिधि मंडल : भूपिंदर सिंह असंध
करनाल, आशुतोष गौतम (21 दिसंबर)। हरियाणा प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पंजाबी की जगह तेलगू भाषा को द्वितीय भाषा बनाने को लेकर सिख संगत में रोष पनपने लगा है। हरियाणा सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय पर अपना ऐतराज जताने और पंजाबी को ही द्वितीय भाषा रखने की मांग को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेगा। इस बाबत जानकारी देते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर की अंतरिग कमेटी मैंबर जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने कहा कि हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में एक अभियान के तहत तेलगू भाषा को द्वितीय भाषा के रूप में पढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जबकि वर्तमान में हरियाणा में पंजाबी को द्वितीय भाषा का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने बताया कि सीएम मनोहर लाल के अनुसार फरीदाबाद व गुरुग्राम में तेलांगाना प्रदेश के काफी लोग काम करते हैं, जिनके बच्चें उनकी मातृभाषा तेलगू पढऩा चाहते हैं। मगर सीएम यह भूल रहे हैं कि हरियाणा में 35 से 40 प्रतिशत पंजाबी समुदाय है और उसकी अनदेखी करना अनुचित है। इसलिए हरियाणा सरकार को इस बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। मैंबर जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने बताया कि यह मामला एसजीपीसी प्रधान भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल के संज्ञान में लाया गया है और अगले सप्ताह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्री अमृतसर का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेगा। एसजीपीसी द्वारा हरियाणा सरकार से इस निर्णय को वापिस लेने पंजाबी को दूसरी भाषा का दर्जा दिए जाने की मांग की जाएगी।



































