फीस वृद्धि, टूर व्यवस्था और कथित धांधलियों पर उठाए गंभीर सवाल; कहा शिक्षा के मंदिर को व्यवसाय का अड्डा न बनाएं
बीएचटी न्यूज, ऊना। ऊना कॉलेज में छात्र हितों की मांगों को लेकर विद्यार्थी पिछले करीब सात-आठ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कॉलेज प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनके साथ संवाद स्थापित करने के बजाय प्रशासन जिस प्रकार का रवैया अपना रहा है, उससे कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर स्वयं गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
भाजपा जिला प्रवक्ता विनय शर्मा ने कहा कि छात्र फीस वृद्धि के विरोध सहित अपने विभिन्न हितों और मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। ऐसे समय में प्रशासन का पहला दायित्व होना चाहिए कि वह छात्रों से बातचीत करे, उनकी समस्याएं सुने और समाधान का रास्ता निकाले। लेकिन यहां प्रशासन और छात्रों के बीच संवाद का पूरी तरह अभाव दिखाई दे रहा है। विनय शर्मा ने कहा कि जब से वर्तमान प्राचार्य ने ऊना कॉलेज की कमान संभाली है, तब से कॉलेज की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार नए-नए सवाल और विवाद सामने आ रहे हैं। उत्तर पुस्तिका से जुड़ा मामला हो या कॉलेज की अन्य व्यवस्थाएं, प्रशासन को इन सभी मामलों पर पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति की उत्तर पुस्तिका प्रकरण में संलिप्तता को लेकर सवाल उठे, उसी व्यक्ति को कॉलेज के कार्यक्रम में सम्मानित करवाने और मोमेंटो दिलवाने की आवश्यकता आखिर क्यों पड़ी? क्या कॉलेज प्रशासन इन मामलों की गंभीरता को समझता है? उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिर में यदि नियम-कायदों और पारदर्शिता की जगह मनमर्जी और पक्षपात के आरोप लगने लगें तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। छात्रों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब देना कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी है। भाजपा जिला प्रवक्ता ने एमबीए और एमसीए के टूर को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि छात्रों से टूर के नाम पर अतिरिक्त राशि वसूलने के बावजूद यदि उन्हें मूलभूत सुविधाएं, यहां तक कि उचित भोजन तक उपलब्ध नहीं करवाया जाता, तो प्रशासन को इसका पूरा हिसाब छात्रों और अभिभावकों के सामने रखना चाहिए। उन्होंने पूछा कि टूर के लिए बार-बार कांगड़ा की किसी फर्म को ही काम दिए जाने की आवश्यकता क्या है? क्या ऊना में अच्छे टैक्सी ऑपरेटर, टेंपो ट्रैवलर संचालक और टूर एंड ट्रैवल एजेंसियां नहीं हैं? यदि ऊना में ही उचित दरों पर सेवाएं उपलब्ध हो सकती हैं, तो स्थानीय ऑपरेटरों को अवसर क्यों नहीं दिया जाता? विनय शर्मा ने कहा कि कॉलेज प्रशासन को टूर से लेकर फीस और अन्य व्यवस्थाओं तक प्रत्येक खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि छात्रों और अभिभावकों के मन में किसी प्रकार की शंका न रहे। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सतपाल सिंह सत्ती भी पहले यह सवाल उठा चुके हैं कि शिक्षा के मंदिर को व्यवसाय का अड्डा नहीं बनाया जाना चाहिए। यदि छात्रों से लगातार फीस और अन्य मदों में पैसा लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, तो प्रशासन को जवाब देना ही होगा।
विनय शर्मा ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से तत्काल संवाद किया जाए और उनकी जायज मांगों का समाधान निकालकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त करवाई जाए। छात्रों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन इसी प्रकार छात्रों की आवाज दबाने और सवालों से बचने का प्रयास करता रहा, तो भाजपा इन सभी मामलों को जनता के बीच लेकर जाएगी और कॉलेज में अब तक हुई कथित अनियमितताओं का कच्चा-चिट्ठा जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद यदि प्रथम दृष्टया अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित मामलों की निष्पक्ष विजिलेंस जांच करवाने के लिए सरकार के स्तर पर उचित कदम उठाए जाएंगे और दोषी पाए जाने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी। विनय शर्मा ने कहा कि कॉलेज किसी व्यक्ति की निजी जागीर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज की संपत्ति है। यहां पढ़ने वाले हर छात्र को समान व्यवहार, पारदर्शी व्यवस्था और बेहतर शिक्षा का अधिकार है। प्रशासन को अहंकार छोड़कर छात्रों से संवाद करना चाहिए, क्योंकि छात्रों की आवाज को दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे—बल्कि सवाल और मजबूत होंगे। उन्होंने दोहराया कि भाजपा छात्रों के हितों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है और ऊना कॉलेज की व्यवस्थाओं, फीस, टूर प्रबंधन तथा अन्य उठ रहे सवालों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करवाने के लिए हर लोकतांत्रिक मंच पर आवाज बुलंद करती रहेगी।

































