10 स्कूलों के 70 से ज्यादा बच्चों ने लिया हिस्सा
बीबीएन 20 अक्तूबर (शांति गौतम) डी डी ट्रस्ट कायल सप्पड तथा ड्रिम शेर्पस अकेडमी अमरावती द्वारा सेना में भर्ती होने की प्रक्रिया व स भावनाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें मु य वक्ता के तौर पर मेजर जनरल रिटायर डाक्टर पी0एन0 वर्मा ने बडे आसान तरीके से सलाईड के माध्यम से विभिन्न स्कूलों से आये बच्चों को सेना में भर्ती होने की जानकारी उपलब्ध करवाई। जनरत वर्मा ने कहा कि बाहरवीं कक्षा में पढने वाला विद्यार्थी भी सेना में भर्ती हो सकता है जिसकी उम्र अभी सालह साल हो वह सिपाही के लिए अप्लाई कर सकता है तथा उसके पेपर फरवरी महिने में होंगे तथा मई तक परिणाम घोषित हो जाता है। इस प्रकार जब तक वह बाहरवीं कक्षा पास करेगा तब तक उसकी उम्र और नौकरी दोनों पक्की हो जाती है। इसके इलावा दसवीं पास बच्चे भी सेना में भर्ती हो सकते हैं जिनकी उम्र, उंचाई, छाती तथा वजन दी गई अनिवार्यताओं के अनूरूप हो। सेना में लडकियों के लिए भर्ती होने का पहली बार सुनहरा मौका दिया जा रहा है। क्योंकि अब से पहले सिपाही पद पर लडकियों की भर्ती नहीं की जाती थी। परन्तु अब सेना में पहली बार लडकियों का बैच शुरू किया जा चुका है। भारतीय सेना में किसी भी प्रकार की सिपारिश, जात-पात अथवा धर्म के आधार पर भर्ती नहीं की जाता है बल्कि कोई भी भारतीय सीधे तौर पर सेना में भर्ती हो सकता है। लेकिन उसे पहले इन्डियनआर्मी की वेबसाईट पर स्वयं को रजिस्टर्ड करना होता है तथा वहीं से अप्लाई करना पडता है। इसके इलावा स्नातक, डिग्री धारक या अन्य कोई भी बीई अथवा बीटेक छात्र एनडीए या यूपीएससी की परीक्षा पास करके सीधे आफिसर की नौकरी ज्वाईन कर सकता है। इस तरह से भारतीय सेना के तीनों अंगों जल, वायु, आर्मी में बहुत सी स भावनाएं है जो लोग डाक्टर या इंन्जनियर की पढाई कर चुके हैं वह भी सेना में भागय आजमा सकते हैं। सेना में नौकरी करने के पश्चात जीवनभर पेन्शन की सुविधा होती है जोकि अब किसी अन्य विभाग में नहीं है। इसके साथ परिवार की पूरी सिक्योरिटी, अच्छा वेतन, नि:शुल्क रेल अथवा ट्रेन से यात्रा भत्ता, फ्री मेडिकल सुविधायें तथा सामाजिक स मान जैसी सबसे बडी चीज आपको सेना में जाने से मिलती है। कार्यशाला के आयोजक डी डी ट्रस्ट के अध्यक्ष बुधिराम वर्मा ने बताया कि अपनी तरह का नालागढ उपमन्डल में यह पहला प्रयास है जहां से गा्रमीण क्षेत्र के बच्चों को सीधे तौर पर आर्मी के सेवानिवृत टॉप अधिकारी से रूबरू होकर सेना में भर्ती होने की प्रक्रिया के इलावा ट्रेनिंग के दौरान दी जाने वाली शिक्षा के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई गई। उन्होंने बताया कि पहाडी क्षेत्र के स्क्ूलों से रावमा विद्यालय पट्टा महलोग, घरेड, साई, बद्दी, हरिपुर संडोली, बीएल सेन्ट्रल स्कूल बददी तथा रावमा विद्यालय गुल्लरवाला, के पांच दर्जन से अधिक विद्यार्थीयों ने इस कार्यशाला का नि:शुल्क लाभ उठाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों मे कानून की जानकारी, शरीर रचना की जानकारी एवं मौलिक अधिकरों की जानकारी आदि पर विशेषज्ञों द्वारा नि:शुल्क कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाएगा जिससे बच्चों में छुपी हुई प्रतिभा का निखार हो सके। तथा बच्चे विभिन्न क्षेत्रों में आगे निकल सके।






























