रणधीर जसवाल, सोलन| राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (राजड़ी ) जाबली स्कूल की लगभग 14 भीगे जमीन नेशनल हाईवे के साथ लगती है। उक्त सरकारी स्कूल के भवन के बाजूद को धराशायी करने के लिए क्या कोई सुनयोजित साजिश रची गई क्योंकि स्कूल प्रशासन के खुलासे के बाद यह सामने आ रहा है कि लाखों रूपओं से निर्मित स्कूल भवन को बचाने के लिए जाबली पंचायत द्वारा कोई गंभीर प्रयास नही किए गए और हाईवे के निर्माण की भेंट उक्त सरकारी स्कूल भवन चढ़ गया है। लोगों का कहना है कि हाईवे निर्माण में लगी कंपनी द्वारा स्कूल के भवन को बचाने के लिए हाईवे के किनारे पहाड़ी पर कमजोर डंगा लगा दिया गया जिसका कुछ हिस्सा वरसात में लुड़क गया जिससे उक्त सरकारी स्कूल की नीव को जबरदस्त नुकसान पहुंचा तथा नीव हिल गई और स्कूल के भवन में दरारें आ गई और भवन का कुछ हिस्सा गिर भी गया है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने स्कूल भवन को अनसेफ घोषित कर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर डंगा आरसीसी का लगाया गया होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नही होती और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (राजड़ी ) जाबली का भवन यूं अनसेफ नही होता लोगों ने मांग की है कि इस मामले में सरकार जांच कराए तांकि दोषी लोगों को सजा मिल सके जिनके गैरजिम्मेदाराना रवैये के चलते उक्त सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ है।
बच्चे खुले में शौच जाने को हो रहे मजबूर
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (राजड़ी ) जाबली स्कूल का भवन अनसेफ घोषित होने के बाद बच्चों की क्लासें एचपीएमसी की पुरानी हो चुके भवन में शिफ्ट कर दी गई हैं और यहां पर शौचालय की व्यवस्था भी काफी खस्ताहाल है। जिसके चलते ब्च्चे खुले आसमान के तले शौच जाने के लिए मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि खस्ताहाल हो चुुके शौचालय की मुरम्मत के लिए लगभग 60 हजार रूपओं की दरकार है जिसकी भरपाई बच्चों से ही करने की कौशिश हो रही है। स्कूल के वाईस प्रिंसिपल एसके शर्मा ने बताया कि जब हाईवे की खोदाई कंपनी द्वारा की जा रही थी तो इसको लेकर शिक्षा विभाग सोलन के निदेशक को पत्राचार के माध्यम से जानकारी देदी गई थी वहीं जाबली पंचायत प्रधान को भी कई बार इस बारे में अवगत करवाया गया। उन्होंने कहा कि पंचायत ने कोई भी मदद इस मामले में नही की अगर पंचायत समय रहते इस मामले में उचित कदम उठाती तो स्कूल का भवन अनसेफ होने से बच सकता था। उन्होंने कहा कि कंपनी के खिलाफ मई में पीआईएल भी दाखिल की गई है। उन्होंने कहा कि अब यहां पर स्कूल के बच्चों को शिफ्ट किया गया है वहां टायलैट की सही व्यवस्था नही है अभी बच्चे खुले में शौच जाने को मजबूर हो रहे हैं। उधर जाबली पंचायत के प्रधान दुनीचंद धीमान से इस मामले में जानकारी लेने के लिए फौन पर संपर्क किया गया तो वह प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नही हो सके|































