लोन लेने गए युवा के पेपर तक नहीं देखे, बुला ली पुलिस
बैंकों की मनमानी से दुखी होकर वित्त राज्य मंत्री अनुराग को भेजी शिकायत
शांति गौतम , बीबीएन(19 अक्तूबर ) एक तरफ तो केंद्र सरकार बैंकिग सैक्टर का सरलीकरण करके हर आम व्यक्ति तक बैंक की योजनाओं को पहुंचाने का दावा करती है वहीं दूसरी ओर बैंकों में आम लोगों के प्रति अशोभनीय व्यवहार के मामले आम होते जा रहे हैं। बैंक अधिकारी बैंकों में आम जन के प्रति ऐसा व्यवहार करते हैं मानो बैंक संस्थान सरकार का न होकर उनके घर का हो। बददी के हाऊसिंग बोर्ड निवासी विनोद शर्मा पुत्र कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को वह गृह निर्माण कार्य के लिए ऋण लेने के लिए पंजाब नेशनल बैंक बददी ब्रांच गए थे । वहां पर उपस्थित ब्रांच मैनेजर ने मेरे लोन के आवेदन को देखा तक नहीं और फाईल को रिजेक्ट कर दिया। मैनेजर ने कहा कि आपका सेविंग खाता तो यहां पर है लेकिन आपका सैलरी अकाऊंट यहां नही है इसलिए हम लोन नहीं दे सकते। विनोद शर्मा ने कहा कि मेरे पास मकान की 31 लाख रुपये की रजिस्ट्री है और उसको आड रखकर आप होम लोन दे दें। क्योंकि मेरा मकान बहुत पुराना व जर्जर है और उसको मैं दोबारा बनाना चाहता हूं जबकि वर्तमान में मेरे प्लाट का बाजारी मूल्या 50 लाख रुपये है। उसके बाद मैने कहा कि आप मेरे आवेदन पर लिख दो कि मुझे आप लोन नहीं दे सकते तो मैनेजर ने कहा कि हम जुबानी बताते हैं लिखकर नहीं दे सकते। जब मैने ज्यादा जोर देेकर कहा कि पुलिस थाने फोन करके पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने भी उपभोगता बिल्कुल ठीक कह रहा गलती बैंक की है इसलिए बैंक लिखकर दे कि आप लोन क्यों नहीं दे सकते। इसमें पुलिस की उपस्थिति में मेरे आवेदन पर लिखकर दे दिया कि कि हम आपको कुछ कारणों से से लोन नहीं सकते।
पुलिस बुलाना अशोभनीय-कंसल
एक तरफ तो मोदी सरकार मुद्रा समेत अन्य लोन युवाओं को शीघ्र देने का दावा करती है और अगर कोई युवा रजिस्ट्री रखकर लोन मांगता है तो पुलिस बुलाकर उसको डराया जाता है। उन्होने कहा कि यह हिमाचल प्रदेश का पहला मामला है जिसमें पात्र व्यक्ति को लोन देने की बजाय पुलिस बुलाकर डराया धमकाया जाता है जो कि निंदनीय है।
बैंकिंग लोकपाल को भेजी है शिकायत-
इस विषय में पीडीत उपभोगता विनोद शर्मा ने कहा कि मैने अपने साथ हुए दुव्र्यवहार की शिकायत बैंकिंग लोकपाल सहित देश के वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर को भ्ेाजी है और न्याय की गुहार लगाई है। उन्होने कहा कि अगर मेरे साथ इंसाफ नहीं हुआ तो हम पंजाब नेशनल बैंक बददी के बाहर धरना देने को मजबूर हो जाएंगे। उन्होने बैंक के स्टाफ को बदलने की मांग भी उठाई।
पेपरों में कुछ कमी थी मना नहीं किया-
इस विषय में बैंक मैनेजर पीएनबी बददी नवनीत कुमार ने कहा कि संबधित व्यक्ति का सैलरी अकांऊट हमारे बैंक में नहीं था और न ही उनकी फर्म का। हमने लोन देने को मना नहीं किया बल्कि कुछ औपचारिकताएं पूरी करने को कहा था।































