बंगाणा में मनाया गया जनरल जोरावर सिंह की 236वीं जयंती समारोह
BHT news, ऊना, 13 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश कला संस्कृति भाषा एकेडमी शिमला, इतिहास शोध संस्थान नेहरी हमीरपुर व कुटलैहड़ वैटनरी एसोसिएशन बंगाणा के संयुक्त तत्वाधान में आज बंगाणा में जनरल जोरावर सिंह कि 236वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, कृषि, मत्स्य व पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि जनरल जोरावर सिंह का उत्तरी भारत की सीमाओं को सुरक्षित बनाने में ऐतिहासिक योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि जोरावर सिंह का जन्म 13 अप्रैल 1786 को चंद्रवंशी राजपूत हरजे सिंह ठाकुर के घर गांव अंसरा मौजा हथोल जिला हमीरपुर में हुआ था। उन्होंने बताया कि वह एक महान योद्धा, कुशल प्रशासक, वीर और साहसी ही नहीं बल्कि धर्म परायण व स्वामी भक्त भी थे। जोरावर सिंह ने सीमा विस्तार मैदानी क्षेत्रों की तरफ करने की बजाय दुर्गम भू-भाग की ओर अपना अभियान शुरू किया। इस महान योद्धा की वीरता के परिणास्वरूप लद्याख महाराजा गुलाब सिंह राज्य का हिस्सा बना और आज भारत का भू-भाग है। इस मौके पर धुंधला के वीर चक्र प्राप्त हवलदार वेद प्रकाश को ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर द्वारा सम्मानित भी किया गया। समारोह में बंगाणा काॅलेज के छात्र व छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर से बंगाणा में जनरल जोरावर सिंह का स्टेच्यू, शहीद स्मारक व सीएसडी कंटीन बनाने की मांग की। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने शीघ्र ही बंगाणा में जनरल जोरावर सिंह का स्टेच्यू प शहीद स्मारक बनाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर बीजेपी जिलाध्यक्ष मनोहर लाल शर्मा, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष सूरम सिंह, वैटनरी एसोसिएशन के अध्यक्ष कर्नल केसी शर्मा, कैप्टन प्रीतम डढवाल, एक्स सर्विसमैन सैल के अध्यक्ष कैप्टन सुभाष, बीडीसी अध्यक्ष देवराज शर्मा, हिमफैड निदेशक चरणजीत शर्मा, एसडीएम बंगाणा विशाल शर्मा, डाॅ चेतराम, डाॅ राकेश शर्मा, कर्नल हंसराज, डाॅ मानचंद सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






























