एसएसआरवीएम विद्यालय में गूंजे दमदार तर्क, ‘सहयोग’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बिखेरा प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन
बीएचटी न्यूज, ऊना एसएसआरवीएम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कक्षा आठ के विद्यार्थियों के लिए “सहयोग” विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता प्रतिभा, तर्कशक्ति और आत्मविश्वास का सशक्त मंच बन गई। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रभावी अभिव्यक्ति, तार्किक चिंतन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास तथा सार्वजनिक वक्तृत्व कौशल का विकास करना था।प्रतियोगिता में अंशिका, आराध्या, सांची, रिधिमा, दक्षिता, ईशान, विनायक शर्मा, विनायक कपिला, रेहान तथा कृतिका ने पूरे आत्मविश्वास और जोश के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने प्रभावशाली तर्कों, सटीक उदाहरणों और ओजस्वी वक्तृत्व शैली के माध्यम से “सहयोग” के महत्व को रेखांकित करते हुए यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास ही सफलता की सबसे बड़ी शक्ति है। विद्यार्थियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने निर्णायकों एवं उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया।प्रतियोगिता का मूल्यांकन सुश्री संगीता ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता, स्पष्ट अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और मंच संचालन कौशल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ विभिन्न बौद्धिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन सुश्री पूजा शर्मा तथा सुश्री पूजा दत्ता के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिनके निर्देशन में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।विद्यालय के प्रबंध निदेशक सुमेश कुमार शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिताएं केवल बोलने की कला नहीं सिखातीं, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक सोच, नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संवाद, निर्णय लेने की योग्यता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का भी विकास करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण की मजबूत नींव रखते हैं।विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती बृज बाला शर्मा ने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि “सहयोग ही सफलता का सबसे सशक्त आधार है।” उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में परस्पर सम्मान, समन्वय और सहयोग की भावना को अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों, निर्णायक एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों के बौद्धिक, नैतिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के निरंतर आयोजन का संकल्प दोहराया।






























