डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल के छात्रों को विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया जागरूक
बीएचटी न्यूज, ऊना डीएवी सेंटेनरी पब्लिक ऊना में छात्रों की सुरक्षा, अधिकारों एवं उनकी सुरक्षित भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊना के दिशानिर्देशानुसार ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विदित हो कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना तथा उन्हें अपने अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा और किसी भी असुरक्षित प्रस्तुति के प्रति सजग बनाना है। इस अवसर पर नेहा शर्मा मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट ऊना ने शिरकत की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा शर्मा ने छात्रों के साथ बाल सुरक्षा,अच्छे और बुरे स्पर्श की पहचान, साइबर सुरक्षा,पोस्को एक्ट,बुलिंग जैसे ज्वलंत विषयों पर अपने विचार सांझा किए। उन्होंने छात्रों को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों व कर्तव्यों की भी जानकारी दी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बचपन बहुत ही कीमती होता है। बच्चों को भीतरी खुशी प्रदान करना समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। नेहा शर्मा ने अपने विचारों को सांझा करते हुए कहा कि मैं स्वयं भी डीएवी संस्था की छात्रा रही हूं और डीएवी संस्था द्वारा दिए गए संस्कार आज भी मेरे जीवन का अभिन्न अंग है। उन्होंने छात्रों से चरित्रवान,संस्कारी व अपनी ऊर्जा को सकारात्मक रूप देने का आह्वान किया। श्रीमती शर्मा ने कहा कि जीवन में पढ़ना सबसे सरल है, पढ़ने के साथ गढ़ना भी जरूरी है ,यह अनुभव से ही प्राप्त होता है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके बचपन को सुरक्षित रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है। विद्यालय प्रांगण में मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट नेहा शर्मा ,गौतम भक्त का प्राचार्य सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी पूनम खन्ना, प्रवीण सहगल, सुदेश, रामकुमार व, नरेंद्र के द्वारा भव्य स्वागत किया गया।मैम रमनजीत, छात्रा गुरलीन व कशिश के द्वारा मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।अंशिका, ईशान दिव्यांशी ने अनुच्छेद 21 क के अंतर्गत बाल विवाह, बाल शोषण, व अपनी सोच बदलने की आवश्यकता पर बल देते हुए अपने विचार व्यक्त किए 1बाल श्रम पर आधारित लघु नाटिका द्वारा बताया गया कि 6 से 14 वर्ष की आयु के हर बच्चे को शिक्षा मिलना वैधानिक अधिकार है 1 छात्रों को इस अवसर पर सुरक्षित बचपन की शपथ भी दिलाई गई। प्राचार्य आर. एल पाठक ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया1श्री पाठक ने कहा कि आज के विषय बहुत ही संवेदनशील हैं। प्रत्येक बच्चे को भय मुक्त सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिलना चाहिए । बच्चों को जागरूक बनाकर तथा उनमें आत्म विश्वास विकसित करके ही हम सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी समाज का हिस्सा हैं, बिना भेदभाव किए भिन्न वातावरण से आने वाले छात्रों को अपनी प्रतिभा दर्शाने का अवसर अवश्य प्रदान करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को किसी भी परिस्थिति में चुप ना रहने , विश्वसनीय व्यक्तियों की सहायता लेने और अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। श्री पाठक ने छात्रों को यह संदेश दिया गया कि सुरक्षित बचपन ही उज्जवल भविष्य की आधारशिला है।






























