पूर्व विधायक का आरोप—पुराने विकास कार्यों पर उद्घाटन की पट्टिकाएं लगाकर श्रेय लेने में जुटी कांग्रेस, आपदा प्रभावितों के दर्द पर भी नहीं बोले मुख्यमंत्री बीएचटी न्यूज, बंगाणा, कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने बीहडू उपतहसील भवन के उद्घाटन को लेकर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और स्थानीय विधायक विवेक शर्मा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि करीब 2.47 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बीहडू उपतहसील भवन पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की देन है। भुट्टो के अनुसार, इस भवन के निर्माण के लिए बजट पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत किया गया था। ऐसे में कांग्रेस सरकार द्वारा इसे अपनी उपलब्धि के रूप में पेश करना विकास कार्यों का श्रेय लेने की राजनीति को दर्शाता है।भुट्टो ने कहा कि कुटलैहड़ की जनता को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान क्षेत्र के लिए किसी नई विकास योजना की घोषणा होगी, लेकिन उनके मुताबिक कार्यक्रम में पुरानी योजनाओं और पहले से शुरू किए गए कार्यों का ही बखान किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास कुटलैहड़ के लिए कोई नई विकास योजना नहीं थी, तो जनता को नई सौगात मिलने की उम्मीद क्यों बंधाई गई?भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार और स्थानीय विधायक का ध्यान नई विकास योजनाएं शुरू करने के बजाय पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्वीकृत एवं शुरू किए गए कार्यों का उद्घाटन करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि उद्घाटन की पट्टिकाएं लगाने से विकास का श्रेय नहीं मिलता, बल्कि जनता को धरातल पर काम और सुविधाओं में सुधार दिखाई देना चाहिए।उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ की जनता को भाषणों और समारोहों से अधिक विकास कार्यों में तेजी, लंबित मांगों के समाधान और आपदा प्रभावित परिवारों को राहत की जरूरत है। सरकार को राजनीतिक श्रेय लेने के बजाय उन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, जिनका सामना क्षेत्र के लोग रोजाना कर रहे हैं।भुट्टो ने कहा कि कुटलैहड़ के विकास को लेकर जनता को जवाब चाहिए कि वर्तमान सरकार ने क्षेत्र के लिए कौन-सी नई योजनाएं शुरू की हैं और आपदा से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।उन्होंने कांग्रेस सरकार से मांग की कि कुटलैहड़ की लंबित विकासात्मक मांगों को प्राथमिकता दी जाए, आपदा प्रभावित परिवारों के नुकसान और समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए तथा क्षेत्र के लिए नई विकास योजनाओं की घोषणा कर उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाए।































