हिमाचल में कानून-व्यवस्था ठप और भ्रष्टाचार चरम पर, जनता ने बनाया सरकार बदलने का मन:
डॉ रणधीर जसवाल,ऊना। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए जनता और कार्यकर्ताओं से बड़ा आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों के दौरान प्रदेश की जनता से एक-एक गारंटी झूठ बोलकर दी थी और छल से सत्ता हथियाई। सरकार चले चार वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं लेकिन इनकी दी दस गारंटियां पूरी नहीं हुई है। अब समय आ गया है कि जब भी कांग्रेस का कोई नेता आपके इलाके या गांव में आए, तो उनसे पूरी मुखरता के साथ यह सवाल पूछा जाए कि आपकी दी हुई गारंटियों का आखिर क्या हुआ? जनता को अब कांग्रेस नेताओं से उनकी गारंटियों का पाई-पाई का हिसाब मांगना चाहिए।नेता प्रतिपक्ष जिला ऊना के कुटलैहड़ और चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान में आयोजित विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई देते हुए समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज पंचायत चुनाव जीतकर आप आये हैं तो इसकी एक लंबी लड़ाई भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी है वरना सुक्खू जी महाराज तो ये चुनाव करवाना ही नहीं चाहते थे क्योंकि उन्हें मालूम था कि हमारी दी गारंटियों के पूरा न होने से जनता आक्रोशित है और हम हार जाएंगे। हुआ भी ठीक ऐसा ही कि मुख्यमंत्री की आशंका सच साबित हुई। कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में सत्ता होने के बावजूद 20 प्रतिशत प्रतिनिधि भी नहीं जीता पाई जबकि भाजपा ने 80 प्रतिशत जनप्रतिनिधि जीते और 12 में से 11 जिलों में अपनी जिला परिषद बनाई। ऊना में एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वे इन दिनों पूरे प्रदेश के भ्रमण पर हैं और जनता से भारतीय जनता पार्टी को जो भारी जनसहयोग मिल रहा है, उससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि जनता ने अब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को सत्ता से बाहर करने का पूरा मन बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार का चार वर्षों का कार्यकाल सिर्फ केंद्र सरकार को कोसने, गालियां देने और मेरी आलोचना करने में ही बीत गया है। मुख्यमंत्री इन चार सालों में चार योजनाएं तक ठीक से नहीं चला सके ताकि वे गर्व से बता सकें कि कांग्रेस सरकार ने जनता के लिए आखिर किया क्या है। आज भी हमारे समय की योजनाएं हिम केयर, सहारा और गृहणी सुविधा ही जनता की जुबां पर हैं। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इन योजनाओं की लोकप्रियता देख उल्टा उन्हें बजट देना बंद कर दिया और अपनी योजनाएं तक शुरू नहीं करवा पाए। प्रदेश की बदहाल कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कानून-व्यवस्था की धज्जियां इस सरकार में उड़ी हैं, वैसी शायद ही किसी पूर्व सरकार में रही हों। ऊना गोलीकांड, बिलासपुर में कुल्हाड़ी कांड, शिमला में पुलिस कंट्रोल रूम के ठीक बाहर दिन-दिहाड़े मर्डर और चंबा में एक युवक को मारकर बोरी में बंद करके नाले में फेंक देने जैसी खौफनाक घटनाएं आज से पहले कभी नहीं हुईं। आज पूरे प्रदेश में ‘चिट्टा’ का कहर बरप रहा है और सरकार बौखलाहट में तो है, लेकिन जमीनी कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक चमकाने के लिए केवल आयोजनों में व्यस्त है।






























